प्रमोद श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता
UP Bulldozer Action : उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण RDA ने विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है और प्रबंधन को कार्रवाई के लिए नोटिस दिया है। प्रशासन का कहना है कि यदि तय समय में अवैध निर्माण नहीं हटाए गए, तो प्राधिकरण स्वयं कार्रवाई करेगा।रामपुर विकास प्राधिकरण ने 38 इमारतों को अवैध घोषित कर 15 दिन में गिराने का नोटिस दिया है। RDA का दावा है कि ये निर्माण बिना नक्शा पास कराए और NOC लिए हुए बने हैं।

UP Bulldozer Action : ‘जौहर’ पर बुलडोजर, कार्रवाई या बदला ?
82,309 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इन भवनों को गिराने के लिए 15 दिन का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है। यदि यूनिवर्सिटी खुद नहीं हटाती तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। इसके बाद सिर्फ 2 भवन ही बचेंगे। यूनिवर्सिटी की दलील है कि निर्माण के समय ये क्षेत्र RDA के दायरे में नहीं था। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद से यूनिवर्सिटी पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पहले लीज की जमीन भी निरस्त की जा चुकी है।
UP Bulldozer Action : यूनिवर्सिटी पर एक्शन से पहले विरोध-प्रदर्शन
छात्रों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने कैंपस में काउंसलिंग सेंटर खोलने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्रों को आगे की गाइडलाइन दी जा सके। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस संभावित कार्रवाई को बदले की राजनीति और छात्रों के भविष्य पर हमला करार दिया है। तो वहीं कांग्रेस और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इस नोटिस को अन्यायपूर्ण बताते हुए वापस लेने की मांग की है। आजम खान के समर्थन में कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए कहा है कि अगर यूनिवर्सिटी को गिराने की कोशिश हुई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। इसके बाद यूपी की सियासत में भारी बवाल मचा हुआ है। सियासी वार पलटवार भी तेज है।
UP Bulldozer Action : नोटिस और अवैध निर्माण: प्रशासन के अनुसार, हाल ही में फायर सेफ्टी ऑडिट और जांच में सामने आया था कि यूनिवर्सिटी परिसर में 40 इमारतें बनाई गई हैं जिनमें से मेडिकल कॉलेज और एक अन्य अकादमिक ब्लॉक को छोड़कर बाकी 38 का नक्शा (Building Map) पास नहीं कराया गया था। RDA ने इन अनधिकृत ढांचों को खुद हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
UP Bulldozer Action : यूनिवर्सिटी का पक्ष: विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि जब ये इमारतें बनी थीं, तब यह क्षेत्र आरडीए (RDA) के दायरे में नहीं आता था, बल्कि जिला पंचायत के अधीन था और नियमों का पालन किया गया था।सियासी बवाल: समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने इस संभावित कार्रवाई को “बदले की राजनीति” और “छात्रों के भविष्य पर हमला” करार दिया है।उन्होंने ओपन लेटर लिखकर सरकार पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाया है | कांग्रेस और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इस नोटिस को अन्यायपूर्ण बताते हुए वापस लेने की मांग की है। वहीं, यूनिवर्सिटी के छात्र भी इस संभावित ध्वस्तीकरण के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं।





