रिपोर्ट: उमंग पाण्डेय
Ram Mandir Donation Case अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच अब बस्ती जिले तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियां एक मानदेय कर्मी और उसके परिजनों की आय, संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं। आरोप है कि सीमित मानदेय पर कार्यरत कर्मचारी के नाम और उसके परिजनों के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीदी गई हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
Ram Mandir Donation Case मानदेय कर्मी की आय और संपत्तियों पर सवाल
जानकारी के अनुसार संबंधित युवक श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े बैंक खातों के लेखा-जोखा और दैनिक एंट्री का कार्य मानदेय कर्मी के रूप में करता था। उसे हर महीने लगभग 15 से 18 हजार रुपये मानदेय मिलता था। जांच के दौरान उसके और उसके परिजनों के नाम पर बस्ती, अयोध्या, लखनऊ और प्रयागराज में कई अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने का दावा किया जा रहा है।
Ram Mandir Donation Case 20 संपत्तियों की खरीदारी की जांच
सूत्रों के अनुसार हाल के वर्षों में करीब 20 संपत्तियां खरीदे जाने की बात सामने आई है, जिनमें अधिकांश संपत्तियां परिजनों के नाम दर्ज बताई जा रही हैं। जांच एजेंसियां इन संपत्तियों के खरीद स्रोत, भुगतान प्रक्रिया और आय के साधनों की जांच कर रही हैं। हालांकि अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की गई है।
Ram Mandir Donation Case 90 लाख की जमीन खरीद समेत कई सौदों की पड़ताल
जांच में यह भी सामने आया है कि 12 जून को बस्ती जिले के इटवा राजा गांव में लगभग 90 लाख रुपये की छह बीघा जमीन खरीदी गई थी। इसके अलावा बनीपुर और हरैया तहसील के कटराझुटा गांव में जमीन खरीद के मामलों की भी जांच की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कुछ वर्षों पहले तक परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन हाल के वर्षों में संपत्तियों में तेजी से वृद्धि हुई है। गांव में एक दो मंजिला मकान बन चुका है, जबकि दूसरा मकान निर्माणाधीन बताया जा रहा है।





