Jagannath Rath Yatra 2026 : ओडिशा के पुरी में गुरुवार को आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिर पड़े। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक न तो मौत की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही इसे भगदड़ की घटना माना है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मरीचि कुंड चौक के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। कुछ लोगों का संतुलन बिगड़ने से दर्जनों श्रद्धालु सड़क पर गिर गए, जिससे कई लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की जान भी चली गई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
#WATCH | Odisha: Jagannath Rath Yatra continues with great fervour and devotion, in the presence of lakhs of devotees in Puri. pic.twitter.com/i09hw9ndKD
— ANI (@ANI) July 16, 2026
Jagannath Rath Yatra 2026 : 200 से अधिक श्रद्धालु अस्पतालों में भर्ती
सूत्रों के अनुसार, रथ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ और लगातार बारिश के कारण घुटन, बेहोशी और मामूली चोटों की शिकायत लेकर 200 से अधिक श्रद्धालुओं को पुरी के विभिन्न अस्पतालों और अस्थायी चिकित्सा शिविरों में भर्ती कराया गया। अधिकांश लोगों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
#WATCH | Odisha: Massive crowd of devotees at Jagannath Rath Yatra in Puri. pic.twitter.com/slHufQAyn0
— ANI (@ANI) July 16, 2026
Jagannath Rath Yatra 2026 : लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे। यात्रा की शुरुआत पारंपरिक ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ हुई, जिसमें भगवानों की प्रतिमाओं को श्री जगन्नाथ मंदिर से भव्य जुलूस के रूप में उनके सजे-धजे रथों तक लाया गया।
पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और ओडिसी नृत्य ने धार्मिक माहौल को और भव्य बना दिया। इसके बाद भगवानों के रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना हुए, जहां वे नौ दिनों तक विराजमान रहेंगे।
Jagannath Rath Yatra 2026 : सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
भीड़ को देखते हुए ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने पहली बार 25 विशेष रेस्क्यू यूनिट तैनात की थीं। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक टीम आधुनिक उपकरणों से लैस थी और भीड़ में फंसे या दम घुटने से परेशान श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का काम कर रही थी। विभाग का कहना है कि अब तक करीब 100 लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों या अस्पतालों तक पहुंचाया गया, जिससे बड़ी राहत मिली।
प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यदि किसी श्रद्धालु की मौत की पुष्टि होती है तो उसके संबंध में आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।
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