Land Demarcation : सीहोर जिले के ग्राम जताखेड़ा में एक किसान ने पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) पर कथित मिलीभगत से गलत सीमांकन करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसकी सड़क किनारे स्थित करीब 40 फीट जमीन का सीमांकन कथित रूप से दूसरे व्यक्ति के पक्ष में कर दिया गया। मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है।

Land Demarcation : पीड़ित किसान ने लगाए मिलीभगत के आरोप
ग्राम जताखेड़ा निवासी दुर्गा प्रसाद का आरोप है कि उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए विधिवत आवेदन दिया था। उनके अनुसार, सीमांकन के दौरान आरआई मांझी और पटवारी शरद गुप्ता मौके पर पहुंचे और मात्र 10 मिनट में बिना नक्शे का मिलान किए सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी।
Land Demarcation : 40 फीट सड़क किनारे की जमीन दूसरे के नाम करने का दावा
दुर्गा प्रसाद का आरोप है कि सीमांकन के दौरान उनकी सड़क से लगी लगभग 40 फीट जमीन को कथित रूप से पड़ोस के एक प्रभावशाली व्यक्ति के खाते में दर्शा दिया गया। उनका यह भी कहना है कि सीमांकन के बाद पंचनामा तैयार कर अधिकारियों ने कब्जा भी दिला दिया और मौके से चले गए।
Land Demarcation : कुबेश्वर धाम के आसपास बढ़े जमीन के दाम का हवाला
पीड़ित ने आरोप लगाया कि पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेश्वर धाम के कारण आसपास की जमीनों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसी का फायदा उठाकर कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ कथित मिलीभगत कर सीमांकन में गड़बड़ी की जा रही है।
Land Demarcation : कलेक्टर से की शिकायत
दुर्गा प्रसाद ने पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व अधिकारी पैसे और प्रभाव के आधार पर किसानों की जमीनों के सीमांकन में हेराफेरी कर रहे हैं।
Land Demarcation : प्रशासन के जवाब का इंतजार
फिलहाल इस मामले में राजस्व विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद अब जांच में ही स्पष्ट होगा कि सीमांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।
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