Report: Neha gupta
Bharat Tiwari Encounter Judicial Inquiry बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी गांव में कथित तौर पर हुए पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी मामले में एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। इस बहुचर्चित एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग का कार्यालय आरा में विधिवत रूप से शुरू हो चुका है। मामले की कड़ियों को जोड़ने और सच्चाई सामने लाने के लिए आयोग ने अपनी जमीनी स्तर पर आधिकारिक कार्रवाई और जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
Bharat Tiwari Encounter Judicial Inquiry जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में बना हेडक्वार्टर, जस्टिस विनोद सिन्हा ने संभाला मोर्चा
Bharat Tiwari Encounter Judicial Inquiry न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष और पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा इस सिलसिले में खुद आरा पहुंचे। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय परिसर में बनाए गए आयोग के नए कार्यालय का निरीक्षण किया और वहां से विधिवत कामकाज संभाल लिया है। इस एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों और आरोपों की हर पहलू से बारीकी से पड़ताल करने के लिए अब इसी दफ्तर को मुख्य केंद्र बनाया गया है।
Bharat Tiwari Encounter Judicial Inquiry 6 महीने के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट, एनकाउंटर से जुड़े सभी पक्षों को भेजा जाएगा समन
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान पूरे मामले की विस्तृत रूप से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए आयोग को 6 महीने का समय दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तमाम बिंदुओं पर जल्द से जल्द काम किया जा रहा है। इस एनकाउंटर कांड से जुड़े हुए सभी पुलिस अधिकारियों, चश्मदीदों और संबंधित लोगों को अब बयान दर्ज कराने के लिए आयोग के दफ्तर में बुलाया जाएगा।
Bharat Tiwari Encounter Judicial Inquiry बिलौटी गांव पुलिस मुठभेड़ पर टिकीं सबकी नजरें, जल्द सामने आएगा सच
गौरतलब है कि बिलौटी गांव में हुए इस एनकाउंटर को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक काफी विवाद और सवाल खड़े हुए थे, जिसके बाद सरकार ने न्यायिक जांच का फैसला लिया था। आयोग के अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और तय समय सीमा के भीतर गहन जांच कर अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। इस घोषणा के बाद से ही पुलिस महकमे और पीड़ित पक्ष दोनों की नजरें आयोग की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं।





