Night Frequent Urination : रात में बार-बार पेशाब आना हमेशा सामान्य नहीं
Night Frequent Urination : रात में एक बार पेशाब के लिए उठना कई लोगों के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि आपको हर रात दो या उससे अधिक बार उठना पड़ रहा है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को नोक्चुरिया (Nocturia) कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल बढ़ती उम्र का असर नहीं, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।पीएसआरआई अस्पताल के यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. के. विशाल सिंह के अनुसार, यदि रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या लगातार बनी हुई है या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो समय रहते जांच कराना जरूरी है।

Night Frequent Urination : नोक्चुरिया क्या है?
नोक्चुरिया ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को रात में नींद के दौरान बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है। इससे नींद पूरी नहीं हो पाती, जिससे दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे किसी बीमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Night Frequent Urination : डायबिटीज का हो सकता है संकेत
यदि रात में बार-बार पेशाब आने के साथ-साथ अधिक प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, बिना वजह वजन कम होना, धुंधला दिखाई देना या लगातार थकान महसूस हो रही है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।ऐसी स्थिति में ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी है, क्योंकि अनियंत्रित डायबिटीज में शरीर अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है।
Night Frequent Urination : हार्ट और किडनी से भी जुड़ी हो सकती है समस्या
विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार समस्या मूत्राशय की नहीं, बल्कि शरीर के फ्लूइड बैलेंस की होती है। जिन लोगों के पैरों में दिनभर सूजन रहती है, उनके लेटने पर अतिरिक्त तरल पदार्थ दोबारा रक्त प्रवाह में लौटता है, जिससे रात में पेशाब बनने की मात्रा बढ़ जाती है।यह हृदय या किडनी से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। यदि पैरों में सूजन, सांस फूलना या थकान जैसे लक्षण भी हों तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
Night Frequent Urination : स्लीप एप्निया भी हो सकता है कारण
रात में बार-बार पेशाब आने के पीछे स्लीप एप्निया जैसी नींद संबंधी बीमारी भी जिम्मेदार हो सकती है।यदि आपको तेज खर्राटे आते हैं, नींद में सांस रुकती है, सुबह सिरदर्द रहता है या दिनभर अत्यधिक नींद आती है, तो केवल ब्लैडर की समस्या मानने के बजाय स्लीप स्टडी कराने की सलाह दी जाती है।
Night Frequent Urination : पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने से बढ़ती है परेशानी
40 से 50 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना सामान्य माना जाता है। इससे पेशाब शुरू करने में कठिनाई, बार-बार पेशाब लगना, कमजोर धार या रात में कई बार उठने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।ऐसे लक्षणों को केवल उम्र का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
Night Frequent Urination : महिलाओं में यूटीआई और हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं वजह
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) और रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव भी रात में पेशाब की आवृत्ति बढ़ा सकते हैं।यदि पेशाब के दौरान जलन, दर्द, दुर्गंध, बार-बार संक्रमण या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
Night Frequent Urination : कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि रात में बार-बार पेशाब आने के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें
- हर रात दो या उससे अधिक बार पेशाब के लिए उठना
- समस्या का अचानक शुरू होना या लगातार बढ़ना
- पेशाब में खून आना
- पेशाब के दौरान जलन या दर्द होना
- तेज बुखार आना
- पैरों में सूजन या सांस फूलना
- अत्यधिक प्यास लगना
- बिना वजह वजन कम होना
- लगातार नींद खराब होना
Night Frequent Urination : क्या करें और क्या न करें?
रात में सोने से 2–3 घंटे पहले अत्यधिक पानी, चाय, कॉफी या शराब जैसी चीजों का सेवन कम करें। यदि आप ब्लड प्रेशर या पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं लेते हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना उनकी समय-सारिणी न बदलें।हालांकि, केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं है। यदि समस्या लगातार बनी रहती है, तो यूरोलॉजिस्ट या फिजिशियन से जांच कराना ही सबसे सुरक्षित और सही कदम है।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी लक्षण या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
read more : Tripura Business Conclave : केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को अगरतला में त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में होंगे शामिल

