Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिका का सबसे बड़ा प्रहार: FBI के ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के बाद चार्जशीट दाखिल; हत्या, रंगदारी और ग्लोबल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़

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Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet

Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet भारत और कनाडा के बाद अब संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने भी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। अमेरिका की ‘ग्रैंड ज्यूरी’ ने लॉरेंस बिश्नोई और उसके सिंडिकेट के खिलाफ अदालत में एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में अमेरिकी जांच एजेंसियों ने सनसनीखेज दावा किया है कि भारत की जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई अत्याधुनिक तकनीक की मदद से सात समंदर पार तक अपना गैंग चला रहा है। गैंग पर हत्या, जबरन वसूली (रंगदारी), बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी और मानव तस्करी जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं।

Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet 6 देशों में फैला है बिश्नोई का साम्राज्य, जेल से इंटरनेट कॉलिंग के जरिए ऑपरेट होता है नेटवर्क

Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जाल भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया समेत छह से अधिक देशों में फैला हुआ है। जांच में खुलासा हुआ है कि बिश्नोई जेल के भीतर से ही मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग (VoIP) के जरिए विदेशी धरती पर बैठे अपने गुर्गों को निर्देश देता था। यह गैंग सोशल मीडिया पर हिंसक वारदातों की जिम्मेदारी लेकर दहशत फैलाता था और फिर अमेरिका व कनाडा के अमीर भारतीय मूल के कारोबारियों व चर्चित हस्तियों को व्हाट्सएप व वॉयस मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलता था।

Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet कोकीन-हेरोइन की तस्करी और नाबालिगों का ब्रेनवाश; गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा संभालते थे कमान

चार्जशीट में बिश्नोई गैंग के खतरनाक तौर-तरीकों का पर्दाफाश किया गया है। आरोप है कि यह गैंग अमेरिका और कनाडा में कोकीन, हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसे घातक ड्रग्स की सप्लाई करता था। इसके लिए वे दूसरे ड्रग माफियाओं के माल को भी लूट लेते थे। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि पंजाब के गरीब और नाबालिग युवाओं को पैसे, आधुनिक हथियारों और शोहरत का लालच देकर इस गैंग में भर्ती किया जाता था। बाद में वफादारी साबित करने वाले इन शूटरों और गुर्गों को अवैध रास्तों (मानव तस्करी) के जरिए अमेरिका और कनाडा में एंट्री दिलाई जाती थी, जहां गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा जैसे बड़े गैंगस्टर इस नेटवर्क को संभालते थे।

Lawrence Bishnoi US Grand Jury Chargesheet FBI का ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’: कैलिफोर्निया में 20 दबोचे, गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर का इनाम

इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball) चलाया। इसके तहत 7 जुलाई को कैलिफोर्निया सहित अमेरिका के कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर गैंग से जुड़े 20 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और ड्रग्स बरामद हुए हैं। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने वांटेड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर (करीब 43 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा की है और अदालत से अपील की है कि इस गैंग द्वारा जबरन वसूली और ड्रग्स से कमाई गई सभी अचल संपत्तियों, बैंक खातों और हथियारों को तुरंत जब्त (सीज) किया जाए।

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