Isa Ahmad
Haryana Education Fees: मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स की फीस बढ़ोतरी वापस लेने की मांग
Haryana Education Fees: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को महंगा बनाने का आरोप लगाते हुए मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स की बढ़ाई गई फीस तत्काल वापस लेने की मांग की है। रोहतक स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में हुड्डा ने कहा कि एक अगस्त से रोहतक स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (UHSR) द्वारा मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की फीस में 400 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट बनने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को सेवा के बजाय कमाई का माध्यम बना रही है। हुड्डा ने कहा कि सिर्फ ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि लेट फीस और अन्य जुर्मानों में भी भारी वृद्धि की गई है, जो विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
Haryana Education Fees: HTET परीक्षा, शिक्षकों की भर्ती और बढ़ते कर्ज पर भी सरकार पर निशाना
Haryana Education Fees: भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) में सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान गलत प्रश्नपत्र, गलत ओएमआर शीट, बिना सील के पेपर और प्रश्नों में भाषा संबंधी त्रुटियों जैसी कई शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति सरकार की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करती है और अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
Haryana Education Fees: हुड्डा ने मांग की कि HTET से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में स्वीकृत 1,01,499 शिक्षक पदों में से 16,435 पद अभी भी खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के बजाय परीक्षा प्रबंधन में ही विफल साबित हो रही है।
Haryana Education Fees: प्रेस वार्ता के दौरान हुड्डा ने हरियाणा पर बढ़ते कर्ज और कथित घोटालों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद राज्य पर कर्ज कई गुना बढ़ गया है। साथ ही करनाल धान घोटाले, बैंक घोटालों और राम मंदिर चढ़ावा मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सरकार को शिक्षा, रोजगार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि जनता का विश्वास कायम रह सके।





