Report: Arvind Chouhan
Fake Kidnapping Drama in Gwalior ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में एक गर्भवती महिला के सनसनीखेज अपहरण की कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठी निकली है। वास्तव में, महिला किसी जबरदस्ती का शिकार नहीं हुई थी, बल्कि वह कोर्ट परिसर के बाहर से अपनी मर्जी से अपने पति और ससुराल वालों के साथ गई थी। इस बीच, महिला के साथ रह रहे उसके प्रेमी ने पुलिस को अपहरण की झूठी सूचना देकर गुमराह कर दिया, जिसके चलते पुलिस की कई टीमें रात भर परेशान होती रहीं। आखिरकार, सुबह के समय पुलिस ने महिला को बरामद कर मामले का पटाक्षेप किया।

Fake Kidnapping Drama in Gwalior मारपीट से परेशान होकर पड़ोसी प्रेमी संग भागकर आई थी ग्वालियर
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला पारिवारिक विवाद और त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। मूल रूप से भिंड जिले के कीरतपुरा क्षेत्र की रहने वाली इस महिला का पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। पति की प्रताड़ना से तंग आकर महिला का संपर्क पड़ोस में रहने वाले रामेंद्र सिंह भदौरिया से हुआ। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और वे एक-दूसरे से प्रेम करने लगे। कुछ समय पहले मौका पाकर महिला अपने प्रेमी रामेंद्र के साथ भिंड छोड़कर ग्वालियर आ गई और यहाँ लिव-इन में रहने लगी। इस पर महिला के ससुराल पक्ष ने भिंड में उसकी गुमशुदगी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था, जिसकी कानूनी सुनवाई ग्वालियर कोर्ट में चल रही थी।
Fake Kidnapping Drama in Gwalior कोर्ट से निकलते ही गाड़ी में बैठकर गई महिला; प्रेमी ने दी किडनैपिंग की सूचना
शुक्रवार को महिला अपने प्रेमी रामेंद्र के साथ कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने पहुंची थी। कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद जब दोनों बाहर निकले और घर की तरफ बढ़ रहे थे, तभी रास्ते में एक गाड़ी आकर रुकी। महिला रामेंद्र को छोड़कर उस गाड़ी में सवार होकर चली गई।
इस दृश्य को देखकर घबराए प्रेमी रामेंद्र सिंह ने तत्काल झांसी रोड थाना पुलिस को फोन घुमाया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी गर्भवती प्रेमिका का उसके ससुराल वालों ने सरेराह अपहरण कर लिया है और उसकी जान को खतरा है। महिला के गर्भवती होने और किडनैपिंग की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
Fake Kidnapping Drama in Gwalior शहर भर में हुई नाकेबंदी, 5 घंटे की मशक्कत के बाद हुआ सच का खुलासा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। आनन-फानन में पूरे शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सघन नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस की कई टीमें मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की तलाश में रात भर खाक छानती रहीं। लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत और घेराबंदी के बाद आखिरकार सुबह पुलिस ने महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया।
जब पुलिस ने महिला के बयान लिए, तो पूरा मामला उलट गया। महिला ने साफ लफ्जों में कहा:
“मेरा अपहरण नहीं हुआ था, किडनैपिंग की पूरी कहानी मनगढ़ंत है। मैं अपनी मर्जी से अपने पति और ससुराल के लोगों के साथ गाड़ी में बैठकर गई थी। अब मैं अपने पुराने विवादों को भुलाकर अपने पति और ससुराल में ही वापस रहना चाहती हूँ।”
महिला के इस यू-टर्न और सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि, झूठी सूचना देकर रात भर प्रशासनिक अमले को परेशान करने और वीआईपी ड्यूटी के बीच शहर में पैनिक क्रिएट करने को लेकर पुलिस अब कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है कि इस मामले में शिकायतकर्ता प्रेमी के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।





