रिपोर्टर-आदर्श दुबे
Sagar Lokayukta Trapped Patwari मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सागर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को जैसीनगर तहसील के अंतर्गत बम्होरी घाट (हल्का क्रमांक-34) में पदस्थ पटवारी मानवेंद्र सिंह ठाकुर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से तिली तिराहा स्थित गणेशपुरम रोड इलाके में हड़कंप मच गया। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।
Sagar Lokayukta Trapped Patwari पुत्रवधू की जमीन के नामांतरण (Mutation) के लिए मांगी थी घूस
लोकायुक्त पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित किसान की शिकायत पर योजनाबद्ध तरीके से की गई:

- रिश्वत की मांग: सागर के तिली वार्ड निवासी भगवान दास सोलंकी ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त एसपी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी पुत्रवधू ने ग्राम कंकर कुइया में 1.4 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी। इस जमीन का वैधानिक नामांतरण कराने के लिए तहसीलदार कार्यालय जैसीनगर में आवेदन दिया गया था, लेकिन हल्का पटवारी मानवेंद्र सिंह ठाकुर फाइल आगे बढ़ाने के बदले लगातार 10 हजार रुपये की घूस मांग रहा था।
- लोकायुक्त का जाल: पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त कार्यालय ने 8 जून को गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन (Verification) कराया। जांच में जैसे ही रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई, लोकायुक्त की विशेष टीम ने पटवारी को दबोचने के लिए ट्रैप का जाल बुन लिया।
Sagar Lokayukta Trapped Patwari जैसे ही हाथ में थामे नोट, लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही दबोचा
Sagar Lokayukta Trapped Patwari शुक्रवार को तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता भगवान दास सोलंकी को रिश्वत की केमिकल युक्त राशि लेकर आरोपी पटवारी के पास भेजा गया।
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: तिली तिराहा स्थित गणेशपुरम रोड पर जैसे ही पटवारी मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की नगद राशि स्वीकार की, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से ही मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही दबोच लिया।
- केमिकल टेस्ट में खुले राज: कार्रवाई के दौरान आरोपी पटवारी के कब्जे से रिश्वत के नोट बरामद किए गए। जब लोकायुक्त टीम ने पटवारी के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो घूस लेने का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रमाण है।
Sagar Lokayukta Trapped Patwari बड़े अफसरों के मार्गदर्शन में सफल रहा ‘ट्रैप ऑपरेशन’
लोकायुक्त की इस सफल कार्रवाई को बेहद गोपनीयता और मुस्तैदी के साथ अंजाम दिया गया ताकि आरोपी को संभलने का मौका न मिले।
- वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी: भ्रष्टाचार के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई महानिदेशक (DG) लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों एवं उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) मनोज सिंह के सीधे मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
- ट्रैप टीम के जांबाज: घूसखोर पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने वाले इस ट्रैप दल का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह और निरीक्षक कमल सिंह उइके ने किया। टीम में लोकायुक्त सागर के अन्य चुस्त अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस पटवारी के पुराने मामलों और आय से अधिक संपत्ति के एंगल पर भी विस्तृत जांच कर रही है।
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