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Seizure of Illicit Liquor मंडला में शराब माफिया के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक: बस स्टैंड पर दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध खेल, एसपी के निर्देश पर ₹45 हजार की अंग्रेजी शराब जब्त

Seizure of Illicit Liquor

Report: Ashok agrawal

Seizure of Illicit Liquor पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश रघुवंशी के कड़े तेवरों के बाद मंडला जिला पुलिस ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कोतवाली पुलिस ने शहर के मुख्य और व्यस्ततम इलाके में शुमार प्राइवेट बस स्टैंड पर संचालित हो रही एक संदिग्ध दुकान पर औचक दबिश दी। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई इस छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दुकान के भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के शराब माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

Seizure of Illicit Liquor मुखबिर के इनपुट पर कोतवाली पुलिस ने दी दबिश, ग्राहक-संचालक रंगेहाथ दबोचे

कोतवाली पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि प्राइवेट बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक दुकान के भीतर सामान्य सामान की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अंग्रेजी शराब का भंडारण (स्टॉक) किया गया है, जहाँ से गुपचुप तरीके से इसकी बिक्री भी की जा रही है। सूचना की तस्दीक होते ही कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस जब दुकान के अंदर दाखिल हुई, तो वहां शराब की अवैध बिक्री का खेल चल रहा था। मौके पर दुकान के संचालक के साथ कुछ ग्राहक भी मौजूद मिले, जिन्हें पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया।

Seizure of Illicit Liquor ₹45 हजार बाजार मूल्य की विदेशी शराब जब्त, कोतवाली थाने लाई गई खेप

दुकान के गुप्त कोनों और काउंटरों की जब सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस के हाथ अंग्रेजी शराब के कई कर्टन और बोतलें लगीं। पुलिस ने मौके से बरामद हुई इस पूरी अवैध खेप को तुरंत जब्त कर लिया और कागजी कार्रवाई पूरी कर इसे कोतवाली थाने पहुंचाया। आबकारी नियमों के तहत जब्त की गई इस अवैध शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 45 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहाँ से सप्लाई की गई थी।

Seizure of Illicit Liquor व्यस्ततम बस स्टैंड पर अवैध कारोबार: सुरक्षा और स्थानीय निगरानी पर उठे सवाल

इस बड़ी कामयाबी के साथ ही इस कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासन और निगरानी तंत्र पर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। शहर का प्राइवेट बस स्टैंड सबसे व्यस्त, सार्वजनिक और हर समय लोगों की आवाजाही वाला इलाका माना जाता है। ऐसे में शहर के बीचों-बीच इतनी बड़ी मात्रा में शराब का अवैध नेटवर्क कैसे फल-फूल रहा था और जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी, यह जांच का विषय है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और मांग की है कि इस सिंडिकेट से जुड़े मुख्य सरगनाओं पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा या आबकारी एक्ट के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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