Report: Pradeep Bansal
Machalpur News मध्य प्रदेश के माचलपुर क्षेत्र में वन विभाग के उड़न दस्ते की सक्रियता और कार्रवाई के दावों के बावजूद लकड़ी के कथित अवैध परिवहन का मामला लगातार सवालों के घेरे में बना हुआ है। आरोप है कि क्षेत्र में संचालित आरा मशीनों (Sawmills) तक बबूल की लकड़ी की आड़ में अन्य प्रतिबंधित प्रजातियों की कीमती लकड़ियों का धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। दिन-रात जारी इस आवाजाही के दौरान वाहनों के दस्तावेजों और लकड़ी की प्रजातियों की सटीक जांच न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बबूल की आड़ में प्रतिबंधित प्रजातियों के परिवहन का अंदेशा
Machalpur News स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि वैध बबूल की लकड़ी के दस्तावेजों की आड़ में प्रतिबंधित और संरक्षित प्रजातियों की लकड़ियों को अवैध रूप से खपाया जा रहा है। यदि बिना वैध परमिट या अनुमति के इस तरह का परिवहन हो रहा है, तो यह स्पष्ट रूप से वन नियमों और पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि आरा मशीनों तक पहुँचने वाली लकड़ी के स्रोत, उसके परिवहन संबंधी दस्तावेजों और स्टॉक के अभिलेखों की गहन और निष्पक्ष जांच किए जाने की सख्त आवश्यकता है, जिससे वास्तविक स्थिति का खुलासा हो सके।
उड़न दस्ते की कार्रवाई के बाद भी निगरानी पर उठ रहे प्रश्न
Machalpur News वन विभाग के उड़न दस्ते द्वारा समय-समय पर कार्रवाई किए जाने के दावे किए जाते हैं, परंतु इसके बावजूद परिवहन पर पूरी तरह रोक न लग पाना विभागीय निगरानी की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। आरामशीनों पर उतरने वाली लकड़ी की नियमित पड़ताल और माल से लदे वाहनों के कागजातों के भौतिक सत्यापन के अभाव में अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं।
क्या बोले वन परिक्षेत्र अधिकारी?
Machalpur News इस पूरे मामले पर जब माचलपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) गुलाब प्रसाद अरमा से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्रों में नियमित गश्त भी जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग की सक्रियता को और बढ़ाते हुए अब दिन के समय भी गश्त को बढ़ाया जाएगा।
बहरहाल, विभाग द्वारा गश्त बढ़ाने और कार्रवाई के दावों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि क्षेत्र में लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और आरामशीनों तक पहुँचने वाले संदिग्ध माल पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।


