रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad Shatabdi Express Pelting Mohan Bhagwat हाई-प्रोफाइल ट्रेन पर हुआ था हमला: सीसीटीवी (CCTV) की मदद से पकड़े गए आरोपी
Firozabad Shatabdi Express Pelting Mohan Bhagwat : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद-टूंडला रेलखंड पर नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव की गुत्थी को स्थानीय पुलिस ने बेहद कम समय में सुलझा लिया है। पुलिस ने आधुनिक सर्विलांस, तकनीकी इनपुट्स और रेलवे ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद इस पूरी साजिश में शामिल तीन नाबालिगों (अपचारियों) को चिन्हित किया है। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने इनमें से दो नाबालिगों को अपनी अभिरक्षा (हिरासत) में ले लिया है, जिन्हें वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बाल न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश किया गया है। वहीं, घटना में शामिल तीसरे किशोर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
Firozabad Shatabdi Express Pelting Mohan Bhagwat ट्रेन में मौजूद थे आरएसएस (RSS) प्रमुख: बाल-बाल बचे यात्री
यह मामला इसलिए बेहद संवेदनशील हो गया था क्योंकि जिस समय इस प्रीमियम ट्रेन को निशाना बनाया गया, उस वक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी उसी ट्रेन में सफर कर रहे थे। पथराव के कारण शताब्दी एक्सप्रेस के एक वीआईपी कोच का शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था, जिससे ट्रेन के भीतर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस अचानक हुए हमले में संघ प्रमुख सहित ट्रेन का कोई भी मुसाफिर चोटिल या घायल नहीं हुआ।
Firozabad Shatabdi Express Pelting Mohan Bhagwat कैसे खुली फाइल? जानिए पुलिसिया कार्रवाई का विवरण
Firozabad Shatabdi Express Pelting Mohan Bhagwat घटना के तुरंत बाद हरकत में आई फिरोजाबाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को क्रैक किया:
- बदमाशों का मॉडस ऑपेरंडी: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आदित्य लांग्हे ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए लड़कों ने किसी गहरी साजिश के तहत नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े गिट्टी-पत्थरों को यूं ही उठाकर तेज रफ्तार से गुजर रही ट्रेन पर दे मारा था।
- दोषियों पर शिकंजा: पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के रिहायशी इलाकों के इनपुट्स और फुटेज के जरिए आरोपियों का हुलिया निकाला और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो को रंगेहाथों जैसी स्थिति में उठा लिया। तीसरे फरार नाबालिग की पहचान भी सुनिश्चित कर ली गई है, जिसे जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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