Report: Ram Yadav
Vidisha Land Dispute Clash मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से जमीनी रंजिश में हुई हिंसक झड़प का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ करारिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुगनाखेड़ी में सरकारी अमले (पटवारी) की मौजूदगी में जमीन की नपती का काम चल रहा था, तभी अचानक दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चल गए। इस खूनी संघर्ष में दोनों ही पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पीड़ितों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

Vidisha Land Dispute Clash पटवारी और चौकीदार के सामने ही शुरू हो गया तांडव
Vidisha Land Dispute Clash प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुगनाखेड़ी गांव में विवादित जमीन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर नपती (Land Measurement) की कार्रवाई की जा रही थी।
- नपती का विरोध: घटना के वक्त राधेश्याम मीणा, हरी मीणा और वीरेंद्र मीणा अपनी जमीन की पैमाइश हलका पटवारी और ग्राम चौकीदार की मौजूदगी में करवा रहे थे।
- कहासुनी से भड़की हिंसा: इसी दौरान अचानक दूसरे पक्ष से जवाहर सिंह, मंसाराम, विवेक, गुलाब सिंह गौतम सहित अन्य लोग लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर धमक पड़े। दूसरे पक्ष ने नपती के काम को अवैध बताते हुए उसे तुरंत रोकने की मांग की। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने कुछ ही मिनटों में एक खूनी रूप अख्तियार कर लिया।
Vidisha Land Dispute Clash जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घायलों का चल रहा इलाज
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों गुटों के बीच जमकर लाठियां चलीं, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। सरकारी कर्मचारी भी स्थिति बिगड़ती देख असहज हो गए।

- लगे दर्जनों टांके: इस लाठीचार्ज में दोनों पक्षों के कई लोगों के सिर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में सभी घायलों को विदिशा जिला चिकित्सालय लाया गया।
- गंभीर हालत: फिलहाल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घायलों का उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल हुए कुछ ग्रामीणों के सिर में गहरे घाव होने के कारण टांके लगाने पड़े हैं।
Vidisha Land Dispute Clash “पुलिस नहीं दर्ज कर रही रिपोर्ट”— घायलों का प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप
अस्पताल में उपचाराधीन घायलों और उनके परिजनों ने स्थानीय करारिया थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ितों का सीधा आरोप है कि जब खेत पर विवाद और मारपीट शुरू हुई थी, तभी इसकी सूचना तुरंत करारिया पुलिस थाने को दे दी गई थी। लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा। घायलों का कहना है कि घटना के कई घंटे बीत जाने और अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अब तक पुलिस ने उनकी एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की है, जिससे आरोपी पक्ष के हौसले बुलंद हैं।
शहरी नियोजन और सुरक्षा का सवाल: राजस्व विभाग के अधिकारियों (पटवारी) की मौजूदगी में इस तरह की हिंसक वारदात होना क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल कलेक्ट्रेट और पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है, और अस्पताल से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
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