Dhar मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर धार में सोमवार (25 मई 2026) को गंगा दशमी के पावन अवसर पर एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण आया, जो पिछले 750 वर्षों में नहीं देखा गया था। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार स्थित प्राचीन भोजशाला परिसर पहुंचकर मां वाग्देवी (सरस्वती जी) का पूरे विधि-विधान से ध्यान, पूजन और आरती की। यह मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है जब सूबे के किसी मुख्यमंत्री ने भोजशाला के भीतर जाकर अधिकारिक तौर पर पूजा-अर्चना की हो। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर धारवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब धार में ‘मां सरस्वती लोक’ और ‘राजा भोज शोध संस्थान’ की स्थापना की जाएगी।

Dhar “उच्च न्यायालय के फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी हुआ”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला को लेकर जो निर्णय आया है, उससे धार अब एक बिल्कुल नए युग में प्रवेश कर रहा है।

750 साल का संघर्ष: मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं इस ऐतिहासिक फैसले के लिए धार की जनता को बधाई देता हूं। इस कानूनी निर्णय के पीछे आप सभी का 750 वर्षों का लंबा और अनवरत संघर्ष छिपा है। न्यायालय ने पूरी तरह से दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। अब धार को विकास के पथ पर सबसे आगे ले जाने का संकल्प पूरा होगा।”
Dhar राजा भोज की गौरवशाली विरासत और पीएम मोदी का सामर्थ्य
मुख्यमंत्री ने भारत के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए सम्राट विक्रमादित्य, हर्षवर्धन और राजा भोज को मालवा के ऐसे रत्न बताया जिन्होंने वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति को स्थापित किया।

- तकनीक के बेजोड़ मिसाल थे राजा भोज: राजा भोज ने दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग (भोजपुर) बनवाया। उन्होंने नदी की प्राकृतिक धारा को अवरुद्ध किए बिना भोपाल के ऐतिहासिक तालाब का निर्माण कराया, जिसकी जल-इंजीनियरिंग तकनीक को देखकर आज के विद्वान भी हैरान रह जाते हैं।
- न्यायालय के फैसलों को लागू करने का सामर्थ्य: सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश में ‘विरासत से विकास’ के विजन को सच किया है। चाहे श्रीराम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हो या कोई अन्य जटिल निर्णय, सबको साथ लेकर उसे शांतिपूर्वक लागू कराने का अद्भुत सामर्थ्य प्रधानमंत्री मोदी में है।
Dhar औद्योगिक क्रांति और जल संरक्षण का महाअभियान: बदलेगी धार की सूरत
मुख्यमंत्री ने धार के आर्थिक और पर्यावरणीय कायाकल्प को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और आंकड़े पेश किए:
- पीएम मित्रा पार्क और औद्योगिक हब: धार प्रदेश का अग्रणी औद्योगिक जिला है। यहाँ बन रहे पीएम मित्रा पार्क के जरिए स्थानीय आदिवासी भाई-बहनों द्वारा उपजाए गए कपास से यहीं कपड़े तैयार होंगे और विदेशों में निर्यात किए जाएंगे। धार को साहित्य, कला और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा।
- करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात: सीएम ने धार में 88 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाली 12 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। इसके तहत धार की 64 प्राचीन बावड़ियों और 64 ऐतिहासिक तालाबों का जीर्णोद्धार और संरक्षण किया जाएगा।
Dhar ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश ने गाड़े झंडे
Dhar राजा भोज के जल प्रबंधन से प्रेरणा लेते हुए पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री ने साझा की:
| जल संरक्षण गतिविधि | प्रदेश स्तर पर लक्ष्य और उपलब्धियां |
| कुल लक्षित कार्य | जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 2,82,188 कार्यों को शुरू करने का लक्ष्य। |
| वर्तमान में जारी निवेश | वर्तमान में 2,500 करोड़ रुपये के जल संबंधी कार्य प्रगति पर हैं। |
| खेत-तालाब (Farm Ponds) | अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 55 हजार से अधिक खेत-तालाबों का निर्माण। |
| अमृत सरोवर | राज्य में 105 नए अमृत सरोवरों को विकसित किया गया। |
| जल दूत (Water Volunteers) | पानी सहेजने के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 8 लाख से अधिक ‘जल दूत’ बनाए गए। |
मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि धार की जनता ने अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव को वापस पाने के लिए जो भी इच्छाएं संजोई थीं, सरकार उन सभी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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