Lucknow उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाने, सभी इकाइयों को पूरी दक्षता से संचालित करने और ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत व भरोसेमंद बनाने पर विशेष जोर दिया।

Lucknow इस वर्ष 30,339 मेगावाट तक पहुँची पीक डिमांड, फीडर वाइज तय होगी जवाबदेही
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश की पीक बिजली मांग रिकॉर्ड 30,339 मेगावाट तक पहुँच चुकी है। इसके बावजूद राज्य की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अब ‘फीडर वाइज मॉनीटरिंग’ की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को खुद हेल्पलाइन कॉल सेंटरों का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं।

Lucknow “जनता को दें सही जानकारी, बताएं समाधान में कितना समय लगेगा”
मुख्यमंत्री ने बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्याओं पर संवेदनशीलता बरतने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंधी-तूफान या तकनीकी खराबी के कारण यदि बिजली बाधित होती है, तो ‘त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम’ को तुरंत सक्रिय किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा, “आम जनता को बिजली कटने और उसके आने के समय के बारे में बिल्कुल सही जानकारी दी जाए। उपभोक्ताओं को यह साफ-साफ बताया जाए कि समस्या का समाधान कब तक हो जाएगा, ताकि वे परेशान न हों।”

Lucknow बिलिंग और कलेक्शन सुधारने व स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर बिल देने के निर्देश
ऊर्जा विभाग की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बिलिंग और कलेक्शन क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष तौर पर कहा कि स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को समय पर और पूरी तरह से सही बिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।





