Report: Farhan khan
Agra ताजनगरी आगरा में इन दिनों कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। यहाँ पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। ताजा मामला आगरा के जिला अस्पताल परिसर का है, जहाँ खुले आसमान के नीचे काम कर रहे एक दिहाड़ी मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।
Agra काम के दौरान अचानक आया चक्कर, इलाज मिलने से पहले तोड़ा दम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मृतक मजदूर जिला अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य में लगा हुआ था। दोपहर के वक्त जब सूरज की तपिश चरम पर थी, तभी अचानक उसे तेज चक्कर आया और वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। वहां मौजूद साथी मजदूर और स्टाफ उसे तुरंत इमरजेंसी वॉर्ड में लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह अत्यधिक शारीरिक थकावट और लू लगना (हीट स्ट्रोक) मानी जा रही है।
Agra पहले से अस्वस्थ था मजदूर, डॉक्टरों की कोशिशें रहीं नाकाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) ने बताया कि मृतक मजदूर पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहा था और उसका इलाज भी जारी था। कड़कती धूप में काम करने के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ी। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे सीपीआर देकर और अन्य आपातकालीन तरीकों से बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मजदूर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में चीख-पुकार मच गई।
Agra प्रशासनिक दावों के बीच सुरक्षा पर उठे सवाल, मजदूर सबसे ज्यादा बेहाल
इस हादसे ने एक बार फिर तपती गर्मी में खुले में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुरक्षा और काम के घंटों को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, जिला प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को दोपहर १२ से ३ बजे के बीच धूप में न निकलने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन पेट की आग बुझाने के लिए तपती धूप में काम करने वाले मजदूरों के लिए ये गाइडलाइंस बेअसर साबित हो रही हैं।





