Isa Ahmad
Bhilai Municipal Corporation Dispute: आयुक्त को हटाने वाले प्रस्ताव को शासन तक नहीं भेजने का आरोप
Bhilai Municipal Corporation Dispute: भिलाई नगर निगम में आयुक्त को हटाने को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। महापौर नीरज पाल, एमआईसी सदस्यों और कांग्रेस के सभी 32 पार्षदों ने संयुक्त रूप से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर निगम आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 54(2) के तहत पारित प्रस्ताव को जानबूझकर शासन तक नहीं भेजा गया, जिससे निगम की लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
महापौर नीरज पाल ने बताया कि 25 मार्च को आयोजित सामान्य सभा में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे। पहला प्रस्ताव निगम आयुक्त को तत्काल प्रभाव से हटाने से संबंधित था, जबकि दूसरा प्रस्ताव बजट पारित करने को लेकर था। आरोप है कि आयुक्त ने बजट प्रस्ताव तो शासन को भेज दिया, लेकिन अपने खिलाफ पारित प्रस्ताव को रोक लिया।
Bhilai Municipal Corporation Dispute: प्रशासनिक अधिकारों में हस्तक्षेप का आरोप, न्यायालय से उम्मीद
महापौर का कहना है कि इस मामले में कलेक्टर, मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन विभाग को लगातार शिकायतें और अभ्यावेदन भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रस्ताव पारित होने के बावजूद आयुक्त अब भी पद पर बने हुए हैं और निगम के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
महापौर नीरज पाल ने आरोप लगाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकार सीमित किए जा रहे हैं और उन्हें कई सरकारी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर तक करने का अधिकार नहीं मिल रहा। वहीं, 8 मई को आयोजित महापौर परिषद की आपात बैठक में आयुक्त को प्रशासनिक कार्य रोकने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। महापौर ने कहा कि उन्हें न्यायालय से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
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