BY
Yoganand Shrivastava
Kolkata पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में पहली बार बनने जा रही भाजपा सरकार की कमान शुभेंदु अधिकारी के हाथों में होगी। वे शनिवार सुबह 11 बजे राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

Kolkata अमित शाह की मौजूदगी में हुआ फैसला: थोड़ी देर में पेश करेंगे दावा
विधायक दल की यह बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की देखरेख में संपन्न हुई, जो विशेष पर्यवेक्षक के रूप में कोलकाता पहुंचे थे। बैठक में सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना। औपचारिक चयन के बाद, शुभेंदु अधिकारी अब राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे।

Kolkata ममता बनर्जी को दो बार हराने का इनाम: क्यों चुने गए शुभेंदु?
शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे कई ठोस कारण माने जा रहे हैं:
- ‘जायंट किलर’ की छवि: शुभेंदु ने 2021 में नंदीग्राम और अब 2026 में ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में उन्हें शिकस्त देकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की है।
- प्रचंड जीत के वास्तुकार: इस चुनाव में भाजपा को 207 सीटों तक पहुँचाने और दो-तिहाई बहुमत दिलाने में उनकी रणनीतिक भूमिका रही है।
- प्रशासनिक अनुभव: नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी सक्रियता और पूर्व में कैबिनेट मंत्री के तौर पर उनका प्रशासनिक अनुभव उनके पक्ष में गया।
- शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं।
Kolkata कल होगा ऐतिहासिक समारोह: राज्यपाल ने भंग की थी 17वीं विधानसभा
शनिवार सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। इससे पहले 7 मई को राज्यपाल द्वारा 17वीं विधानसभा भंग किए जाने और ममता बनर्जी के इस्तीफे के बाद पैदा हुआ राजनीतिक गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है। बंगाल अब एक नई सरकार और नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।





