Iran US Ceasefire: सीजफायर के बावजूद मिडिल ईस्ट में हलचल थमती नजर नहीं आ रही है। वांग यी ने बीजिंग में अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इस मुलाकात को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन सतर्क हो गया है और इसके संभावित रणनीतिक असर पर नजर बनाए हुए है।
Iran US Ceasefire: होर्मुज को लेकर अमेरिका की बढ़ी चिंता
अमेरिका को आशंका है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ईरान, चीन के साथ मिलकर नई रणनीति बना सकता है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
Iran US Ceasefire: सीजफायर के बावजूद बढ़ता तनाव
हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर लागू बताया जा रहा है, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान लगातार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिससे तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है।
Iran US Ceasefire: ट्रंप के सामने कड़ी रणनीतिक चुनौती
डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती बनती जा रही है। अमेरिका और इजरायल दोनों ही इस संघर्ष को लंबा नहीं खींचना चाहते, इसलिए वे फिलहाल बड़े जवाबी हमलों से बच रहे हैं। हालांकि, लगातार हो रही घटनाएं रणनीतिक दबाव को बढ़ा रही हैं।
Iran US Ceasefire: चीन की भूमिका पर टिकी निगाहें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई है कि चीन, ईरान पर दबाव बनाएगा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ ढीली करे। अराघची की यह चीन यात्रा युद्ध के बाद पहली है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई है।
read also: Middle East तनाव पर मार्को रुबियो का बड़ा बयान, कहा- ईरान पर अमेरिकी सैन्य अभियान खत्म





