,

Bhagalpur : इतिहास और संविधान पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान; बोले- ‘केवल एक व्यक्ति को आजादी का श्रेय देना क्रांतिकारियों का अपमान’

Bhagalpur

Report: Sanjeev kumar sharma

Bhagalpur बिहार के भागलपुर में आयोजित बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समारोह के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन से एक नई राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और संविधान निर्माण की प्रक्रिया को लेकर अपनी बेबाक राय रखी, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है। बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बृजभूषण शरण सिंह ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए वर्तमान धारणाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में उपेक्षित रहे योद्धाओं को उचित सम्मान देने की वकालत की।

Bhagalpur आजादी के श्रेय पर सवाल और क्रांतिकारियों का सम्मान

बृजभूषण शरण सिंह ने प्रसिद्ध गीत “साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल” का जिक्र करते हुए कहा कि केवल महात्मा गांधी को ही आजादी का संपूर्ण श्रेय दे देना उन हजारों क्रांतिकारियों के साथ अन्याय है, जिन्होंने देश के लिए हंसते-हंसते प्राण न्योछावर कर दिए।

  • विस्मृत नायक: उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बाबू वीर कुंवर सिंह, भगवान बिरसा मुंडा और देवी बख्श सिंह जैसे योद्धाओं का नाम लेते हुए कहा कि इन वीरों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
  • साहित्यिक संदर्भ: उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों—“जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी अपराध”—का उल्लेख करते हुए समाज को सचेत किया कि क्रांतिकारियों के योगदान पर मौन रहना भी एक गलती है।

Bhagalpur संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर नया दृष्टिकोण

Bhagalpur संविधान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि संविधान किसी एक व्यक्ति की रचना नहीं है।

  • सामूहिक योगदान: उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के साथ-साथ संविधान सभा के अन्य 242 विद्वान सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान था।
  • बिहार का गौरव: उन्होंने विशेष रूप से संविधान सभा में बिहार के सदस्यों की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि इतिहास को हमेशा संतुलित नजरिए से देखा जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां वास्तविक तथ्यों से अवगत हो सकें।

Bhagalpur संतुलित इतिहास की आवश्यकता

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के गौरवशाली इतिहास को किसी एक विचारधारा या व्यक्ति तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उन स्थानीय और क्षेत्रीय नायकों के बारे में भी पढ़ें और जानें जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी थी।

Read this: Deoria  : दो सगी बहनों ने हाईस्कूल में गाड़े सफलता के झंडे; बाबा-दादी के निधन के गम के बीच हासिल किए शानदार अंक

Aaj ka Rashifal: जानें राशि के अनुसार कैसा रहेगा आज का दिन

Aaj ka Rashifal: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से…

Dhan Kharidi : सरकार की मंशा पर सवाल, सरकार विपक्ष में बवाल

रिपोर्ट- हिमांशु पटेल Dhan Kharidi : रायपुर, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की…

Shyam Janmotsav Chandil: चांडिल में 30वें श्री श्याम जन्मोत्सव के पोस्टर और निमंत्रण कार्ड का विमोचन

रिपोर्ट: प्रेम श्रीवास्तव Shyam Janmotsav Chandil श्री श्याम कला भवन, चांडिल के…

Madhupur House Theft: मधुपुर में फौजी के बंद घर में चोरी, ग्रामीणों ने दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस को सौंपा

रिपोर्ट: इम्तियाज अंसारी Madhupur House Theft मधुपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर फौजी…