Indian Education System: भारतीय शिक्षा मंडल के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल के समन्वय भवन में “शिक्षा में संस्कार, राष्ट्र निर्माण का आधार” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
Indian Education System: आधुनिकता और परंपरा के संतुलन पर जोर: गोविंद सिंह राजपूत
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है। आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही एक आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
Indian Education System: शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, संस्कारों का माध्यम भी

खाद्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा सिर्फ पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के साथ संस्कार न हों, तो वह अधूरी रह जाती है। संस्कार ही व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।
Indian Education System: गुरुकुल परंपरा से सीखने की आवश्यकता
राजपूत ने भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शिक्षा में अनुशासन, सेवा और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाती थी। आज भी उसी परंपरा को अपनाकर समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाया जा सकता है।
Indian Education System: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पहलों की सराहना
कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
साथ ही डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की भी सराहना की गई, जिसमें हिंदी माध्यम में मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा की शुरुआत को ऐतिहासिक कदम बताया गया।
Indian Education System: भारत नए अवतार में उभर रहा है: बी आर शंकरानंद
कार्यक्रम में बी आर शंकरानंद ने कहा कि भारत एक नए स्वरूप में उभर रहा है। उन्होंने शिक्षा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि एक बेहतर मनुष्य बनना होना चाहिए। उन्होंने भयमुक्त समाज और मजबूत शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
Indian Education System: शिक्षा के भारतीयकरण पर दिया गया बल
संगोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षा के भारतीयकरण, सांस्कृतिक मूल्यों के समावेश और राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम को केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध शिक्षा परंपरा के उत्सव के रूप में देखा गया।
Indian Education System: कार्यक्रम में कई शिक्षाविद और विशेषज्ञ रहे मौजूद
इस अवसर पर डॉ. संजय पाठक, डॉ. हरिहर बसंत गुप्ता, डॉ. परिमला कुलकर्णी सहित कई शिक्षाविद, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ. कंचन भाटिया द्वारा किया गया।
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