Report: Ratan mishra
Saharsa (बिहार): बिहार की राजनीति में रसूख रखने वाले पूर्व मंत्री रत्नेश सादा गंभीर विवादों के घेरे में हैं। सहरसा जिले के महिषी बलिया सिमर निवासी मोहम्मद शकील ने पूर्व मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और सत्ता के बल पर गरीबों की पुश्तैनी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यह मामला अब सुशासन की दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

Saharsa 15-20 बीघा जमीन पर कब्जे का दावा
पीड़ित मोहम्मद शकील का आरोप है कि उनकी लगभग 15 से 20 बीघा पुश्तैनी ज़मीन पर पूर्व मंत्री के संरक्षण में दबंगों ने कब्ज़ा कर लिया है। शकील के अनुसार, उनकी तैयार फसल को भी सरेआम लूट लिया गया। उन्होंने दावा किया कि साल 2010 में विधायक बनने से पहले रत्नेश सादा के पास सीमित संसाधन थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी संपत्ति में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई और उन्होंने ‘पूरा गाँव ही खरीद लिया’।

Saharsa सिस्टम की बेरुखी: अंचल से जिला प्रशासन तक सिर्फ टालमटोल
हाथों में आवेदनों का पुलिंदा लिए मोहम्मद शकील न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि वे महिषी अंचल कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा। पीड़ित के शब्दों में:

“सीओ (CO) कहता है बड़ा बाबू के पास जाओ, बड़ा बाबू कहता है सीओ के पास… हम सड़कों पर भटक रहे हैं और प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है।”
Saharsa फर्जी मुकदमे और जान से मारने की धमकी
आरोप है कि जब पीड़ित ने अपनी जमीन वापस पाने के लिए आवाज उठाई, तो उसे दबाने की कोशिश की गई। शकील का दावा है कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और अब उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। हालात ऐसे हैं कि पीड़ित परिवार अपने ही गांव लौटने से डर रहा है।





