BY
Yoganand Shrivastava
Nashik महाराष्ट्र की नासिक पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। महिलाओं के साथ दुष्कर्म और ठगी के गंभीर आरोपों में घिरे खरात को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 1 अप्रैल तक दोबारा पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। विशेष जांच दल (SIT) अब खरात के मोबाइल डेटा और संपर्कों के जरिए इस पूरे रैकेट की गहराई से पड़ताल कर रही है।
Nashik SIT को मिला अहम सुराग, मोबाइल डेटा से खुलेंगे राज
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने दलील दी कि SIT को जांच में आरोपी का मोबाइल डेटा प्राप्त हुआ है। इस डेटा में कई संदिग्ध नंबर और नाम शामिल हैं, जिनकी तस्दीक के लिए आरोपी से आमने-सामने पूछताछ करना अनिवार्य है। हालांकि, खरात के वकील ने कस्टडी बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस के पास जांच के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को 1 अप्रैल तक का समय और दे दिया है।
Nashik राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप, रूपाली चाकणकर का इस्तीफा
अशोक खरात के रसूख और राजनीतिक संबंधों ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। इस मामले में नाम जुड़ने के बाद रूपाली चाकणकर को भारी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने न केवल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, बल्कि NCP (अजित पवार गुट) की महिला प्रदेश अध्यक्ष का पद भी छोड़ दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि खरात ‘चमत्कार’ के नाम पर लोगों को गुमराह कर भावनात्मक और आर्थिक शोषण करता था।
Nashik अंधविश्वास की आड़ में घिनौना खेल
पुलिस जांच के अनुसार, अशोक खरात खुद को सिद्ध बताकर भोली-भाली महिलाओं और लोगों को अपने जाल में फंसाता था। उस पर न केवल यौन शोषण बल्कि तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर ठगी करने के भी आरोप हैं। नासिक पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो खरात के इस काले कारोबार में परदे के पीछे से उसकी मदद कर रहे थे। 1 अप्रैल तक की कस्टडी के दौरान पुलिस कई और चौंकाने वाले खुलासे कर सकती है।





