Report: Anuj Saini
Muzaffarnagar : जनपद के भोपा थाना क्षेत्र के तीर्थ नगरी शुक्रताल में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ठगों ने फिल्म ‘खोसला का घोंसला’ की तर्ज पर फर्जी राजस्व अधिकारी बनकर निर्मोही अखाड़े के एक बाबा को चूना लगा दिया। हालांकि, मुजफ्फरनगर पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए मात्र 48 घंटे के भीतर गिरोह का पर्दाफाश कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Muzaffarnagar फर्जी कानूनगो और लेखपाल बनकर रची साजिश
ठगी की यह पूरी कहानी 42 बीघा जमीन के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। ठगों ने बाबा को विश्वास में लेने के लिए एक पूरा सरकारी ढांचा ही खड़ा कर दिया:

- साजिश: बाबा को 42 बीघा जमीन दिलाने का लालच दिया गया।
- फर्जी किरदार: आरोपियों में से कोई ‘कानूनगो’ बना, कोई ‘लेखपाल’ तो दो लोग जमीन के ‘असली मालिक’ बनकर सामने आए।
- ठगी की राशि: झांसे में आकर बाबा ने जमीन के सौदे के नाम पर आरोपियों को 28.50 लाख रुपये दे दिए।
Muzaffarnagar पुलिस का ‘सुपरफास्ट’ एक्शन: 48 घंटे में पर्दाफाश
घटना की शिकायत मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में भोपा पुलिस ने जांच शुरू की। सटीक सूचना और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने महज दो दिनों में गिरोह को दबोच लिया।
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के 22 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
- फर्जी दस्तावेज: छापेमारी में सीपीयू (CPU), प्रिंटर, कीबोर्ड और बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनका उपयोग ठगी के दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था।
Muzaffarnagar एसएसपी ने की टीम की सराहना, 25 हजार का इनाम
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस गिरोह के तौर-तरीकों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर है और फर्जी आईडी के जरिए लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर ठगता था। पुलिस टीम की इस शानदार उपलब्धि पर एसएसपी ने भोपा पुलिस को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।





