Bhopal मध्यप्रदेश को देश का सबसे भरोसेमंद और उभरता हुआ निवेश गंतव्य (Investment Destination) बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी सक्रिय मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल सेक्टर की सफलता के बाद, अब मुख्यमंत्री 21 मार्च 2026 को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में “इंटरेक्टिव सत्र: मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर” के माध्यम से राजस्थान के दिग्गज उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे।

Bhopal क्यों खास है जयपुर का यह ‘इन्वेस्टमेंट सत्र’?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्लोबल सप्लाई चेन’ विजन को साकार करने की दिशा में मोहन सरकार एक परिणामोन्मुख रणनीति पर काम कर रही है। जयपुर का यह आयोजन कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

- वन-टू-वन संवाद: मुख्यमंत्री चुनिंदा निवेशकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें करेंगे, जहाँ परियोजना स्तर के सहयोग और तत्काल क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: इस सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- नीतिगत स्पष्टता: मुख्यमंत्री निवेशकों को राज्य की 18 नई औद्योगिक नीतियों और ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत सरल बनाई गई प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे।
Bhopal ‘रीजनल बैलेंस अप्रोच’: पूरे प्रदेश में बिछ रहा उद्योगों का जाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दृष्टिकोण केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे “क्षेत्रीय संतुलन” (Regional Balance) पर जोर दे रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में विकसित हो रहे प्रमुख प्रोजेक्ट्स इसकी मिसाल हैं:
- धार: देश का पहला और सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क (PM MITRA Park)।
- नर्मदापुरम: पावर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों के लिए देश का पहला मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन।
- उज्जैन: अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क।
- ग्वालियर व जबलपुर: फुटवियर पार्क और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब।
- आईटी हब: इंदौर, भोपाल, उज्जैन और रीवा में आईटी पार्कों का विस्तार।
Bhopal 2026: ‘कृषि वर्ष’ और औद्योगिक विकास का संगम
जहाँ पिछला वर्ष ‘निवेश प्रोत्साहन’ को समर्पित था, वहीं मोहन सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में चिन्हित किया है। मुख्यमंत्री का उद्देश्य कृषि, एग्री-बिजनेस और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औद्योगिक विकास के साथ जोड़ना है। उनका स्पष्ट मानना है कि निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का माध्यम है।

Bhopal कौशल विकास पर जोर
निवेशकों को कुशल मैनपावर उपलब्ध कराने के लिए भोपाल में स्थापित देश का पहला संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य के नवाचार और प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र (Talent Ecosystem) को नई गति प्रदान कर रहा है।
Read this: Student attack : पैसे नहीं देने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई, दिनदहाड़े हुई वारदात





