Report: Vandna Rawat
Lucknow मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों का ब्यौरा पेश किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज कृषि विकास के मामले में देश का सबसे तीव्र गति से बढ़ने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2017 में कार्यभार संभालने के बाद उनकी सरकार का पहला निर्णय ही अन्नदाताओं के हित में था।

Lucknow विकास दर में ऐतिहासिक छलांग और ऋण मुक्ति
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले 9 वर्षों में यूपी की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 फीसदी तक पहुँच गई है।

- कर्ज से उत्पादक तक: सीएम ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा की सरकारों ने किसानों को कर्जदार बना दिया था, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें कर्ज से उबारकर फिर से ‘उत्पादक’ की श्रेणी में खड़ा किया है।
- किसान सम्मान निधि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों के खातों में अब तक 99 हजार करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
Lucknow गन्ना भुगतान: 95 हजार करोड़ बनाम 3.16 लाख करोड़
गन्ना किसानों की स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों से तुलना की:
- भुगतान में वृद्धि: 2012-2017 के बीच कुल 95,000 करोड़ का भुगतान हुआ था, जबकि योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में 3,16,800 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया है।
- दाम में बढ़ोत्तरी: 2017 में गन्ने का भाव 300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 400 रुपये हो गया है। साथ ही घटलौती और पर्ची की पुरानी समस्याओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
Lucknow सिंचाई विस्तार और मुफ्त बिजली की सौगात
खेती को आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं:

- सिंचाई क्षमता: प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचाई की सुविधा विकसित की गई है।
- बिजली और सोलर: निजी नलकूपों (Private Tube wells) के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है।
- डीजल से मुक्ति: वर्तमान में 23 लाख नलकूप डीजल से चल रहे हैं, जिन्हें बजट के माध्यम से सोलर पैनल देकर डीजल मुक्त करने की योजना पर कार्य शुरू हो चुका है।
Lucknow MSP और मंडी शुल्क में राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गेहूं, धान के अलावा मोटे अनाज (मिलेट्स) की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है। किसानों को राहत देते हुए मंडी शुल्क को 2.5-3% से घटाकर महज 1% कर दिया गया है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि यदि बाजार में बेहतर दाम मिले तो वहां बेचें, अन्यथा सरकारी क्रय केंद्र उनके लिए हमेशा खुले हैं।
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