BY
Yoganand Shrivastava
Bhopal मध्य प्रदेश में कड़ाके की गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते प्रदेश में बुधवार से एक स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

Bhopal 13 जिलों में अलर्ट: ग्वालियर-चंबल संभाग पर ज्यादा असर
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इस सिस्टम का असर बुधवार से ही दिखने लगेगा। ग्वालियर समेत 13 जिलों में आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 से 21 मार्च के बीच इसका विस्तार भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर तक होगा। इस दौरान कहीं धूल भरी आंधी चलेगी तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

Bhopal मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम, फसलों की चिंता बढ़ी
फरवरी महीने में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से किसान पहले ही नुकसान झेल चुके हैं। अब मार्च के दूसरे पखवाड़े में सक्रिय हो रहा यह सिस्टम खेती के लिए चिंता का विषय बन सकता है। मौसम विभाग की मानें तो पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में ‘मावठा’ गिरने का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस बार सक्रिय हो रहा सिस्टम पूरे प्रदेश को प्रभावित करेगा।

Bhopal तापमान का हाल: 22 मार्च के बाद फिर तपेगा प्रदेश
वर्तमान में खरगोन 38.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि भोपाल में पारा 35.2 और इंदौर में 34.9 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 21 मार्च तक बारिश और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन 22 मार्च से गर्मी का दूसरा दौर शुरू होगा। मार्च के आखिरी सप्ताह में लू (Heat Wave) चलने के भी आसार हैं, जिससे पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है।
मुख्य शहरों का रिकॉर्ड (मार्च महीना):
| शहर | अधिकतम रिकॉर्ड तापमान | न्यूनतम रिकॉर्ड तापमान |
| भोपाल | 41°C (2021) | 6.1°C (1979) |
| इंदौर | 41.1°C (1892) | 5°C (1898) |
| ग्वालियर | 41.8°C (2022) | 5.4°C (1972) |
| जबलपुर | 41.2°C (2017) | 3.3°C (1898) |
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