BY
Yoganand Shrivastava
Delhi रसोई गैस उपभोक्ताओं के बीच ई-केवाईसी (eKYC) को लेकर बनी असमंजस की स्थिति पर विराम लगाते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ताजा गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया कोई नया बोझ नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य सब्सिडी का सही वितरण और फर्जी गैस कनेक्शनों पर लगाम लगाना है।

Delhi किसे करानी होगी केवाईसी और किसे नहीं?
सरकार द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, नियमों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- सामान्य उपभोक्ता (Non-PMUY): यदि आप उज्ज्वला योजना के लाभार्थी नहीं हैं और आपने एक बार अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है, तो आपको इसे दोबारा कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- उज्ज्वला लाभार्थी (PMUY): प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के ग्राहकों को प्रत्येक वित्त वर्ष में केवल एक बार ई-केवाईसी करानी होती है। यह विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए अनिवार्य है जो साल के 8वें और 9वें रिफिल पर मिलने वाली सब्सिडी (DBT) का लाभ उठाना चाहते हैं।
Delhi क्या केवाईसी न होने पर बंद होगी सब्सिडी?
आम जनता को राहत देते हुए सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल ई-केवाईसी न होने की स्थिति में सब्सिडी नहीं रोकी जाएगी। हालांकि, पारदर्शिता बढ़ाने और एलपीजी के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) को रोकने के लिए इसे पूरा करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।

Delhi घर बैठे ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ से पूरा करें काम
अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने या लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। आप मोबाइल के जरिए इन आसान स्टेप्स से मुफ्त में केवाईसी कर सकते हैं:

- ऐप डाउनलोड करें: अपने फोन में एलपीजी प्रदाता (जैसे Indane, HP या Bharat Gas) का ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल करें।
- लॉग-इन: रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ऐप में प्रवेश करें और eKYC विकल्प पर क्लिक करें।
- फेस ऑथेंटिकेशन: अपना आधार नंबर दर्ज करने के बाद FaceRD ऐप की मदद से अपना चेहरा स्कैन करें।
- पुष्टि: वेरिफिकेशन सफल होते ही आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया डिजिटल रूप से पूर्ण हो जाएगी।
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