by: vijay nandan
SC on free Schemes : नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने गुरुवार को राज्यों में बढ़ती मुफ्त योजनाओं की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारों को बिना शर्त सुविधाएं बांटने के बजाय रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि लोगों को भोजन, बिजली और अन्य जरूरी सेवाएं लगातार मुफ्त मिलती रहेंगी, तो काम करने की प्रेरणा कमजोर हो सकती है और इससे कार्य संस्कृति पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंदों की सहायता करना कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी है, लेकिन आर्थिक स्थिति का आकलन किए बिना सभी को समान रूप से मुफ्त सुविधाएं देना उचित नीति नहीं मानी जा सकती। यह टिप्पणी Tamil Nadu Power Distribution Corporation Limited की याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें उपभोक्ताओं की आय की परवाह किए बिना मुफ्त बिजली देने के प्रावधान को चुनौती दी गई है।

SC on free Schemes : अदालत की प्रमुख टिप्पणियां
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल थे, ने कहा कि कई राज्य पहले से ही राजस्व घाटे का सामना कर रहे हैं, इसके बावजूद वे विकास कार्यों के बजाय मुफ्त योजनाओं पर अधिक खर्च कर रहे हैं।
पीठ ने कहा कि सरकारों को ऐसे अवसर पैदा करने चाहिए, जिससे लोग स्वयं कमाकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि चुनावों के आसपास बड़ी संख्या में नई योजनाओं की घोषणाएं क्यों की जाती हैं और क्या इससे दीर्घकालिक विकास प्रभावित नहीं होता।
SC on free Schemes : मामला क्या है
याचिका में 2024 के विद्युत संशोधन नियमों के एक प्रावधान को चुनौती दी गई है, जिसके तहत उपभोक्ताओं की आर्थिक क्षमता की जांच किए बिना मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था की जा सकती है। वर्तमान में तमिलनाडु में घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में लगभग 100 यूनिट तक बिजली बिना शुल्क के उपलब्ध कराई जाती है।
अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
SC on free Schemes : पहले भी जताई चिंता
यह पहला अवसर नहीं है जब शीर्ष अदालत ने मुफ्त योजनाओं पर टिप्पणी की हो। इससे पहले भी अदालत ने मुफ्त राशन और नकद सहायता योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लंबे समय तक ऐसी योजनाओं पर निर्भरता लोगों को आत्मनिर्भर बनने से रोक सकती है। अदालत ने सरकारों से पूछा था कि कल्याण योजनाओं के साथ-साथ लोगों को रोजगार और कौशल से जोड़ने की दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
SC on free Schemes : राज्यों में विभिन्न योजनाएं
देश के कई राज्यों में बिजली, परिवहन, नकद सहायता और अन्य सेवाओं पर सब्सिडी या मुफ्त सुविधाएं दी जा रही हैं। कुछ राज्यों में सीमित यूनिट तक मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, मुफ्त बस यात्रा और किसानों के लिए कृषि बिजली जैसी योजनाएं लागू हैं।
अदालत ने संकेत दिया कि कल्याण और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि सामाजिक सुरक्षा भी बनी रहे और आर्थिक विकास की गति भी प्रभावित न हो।
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