Madhya Pradesh Budget : मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹4.38 लाख करोड़ (4.38317 लाख करोड़) का बजट पेश किया है। यह बजट ‘GYANII’ मॉडल पर आधारित है, जिसमें G-गरीब कल्याण, Y-युवा शक्ति, A-अन्नदाता, N-नारी शक्ति, I-इन्फ्रास्ट्रक्चर और I-इंडस्ट्री को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने इसे ‘समृद्ध मध्यप्रदेश @2047’ के विजन से जोड़ा है।

Madhya Pradesh Budget : 5 प्रमुख स्तंभों पर आधारित बजट
इस वर्ष का बजट तीन वर्षीय रोलिंग बजट, किसान कल्याण वर्ष 2026, बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI), पूंजीगत व्यय और नई योजनाओं पर केंद्रित है।
Madhya Pradesh Budget : किसान कल्याण वर्ष 2026
- कृषि क्षेत्र के लिए कुल ₹1,15,013 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- उत्पादन व उत्पादकता वृद्धि: ₹28,158 करोड़
- आदान व्यवस्था सुदृढ़ीकरण: ₹64,995 करोड़
- उपज का बेहतर मूल्य: ₹8,091 करोड़
- सुरक्षा चक्र: ₹13,769 करोड़
- साथ ही 1 लाख सोलर सिंचाई पंप वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
Madhya Pradesh Budget : पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड निवेश
राज्य के इतिहास में पहली बार ₹1 लाख करोड़ से अधिक पूंजीगत निवेश का प्रावधान किया गया है। अधोसंरचना विकास हेतु कुल ₹1,06,156 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध सिंचाई परियोजनाओं पर ₹79,605 करोड़
- इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: ₹2,360 करोड़
- उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर: ₹1,000 करोड़
- सिंहस्थ-2028 हेतु ₹3,060 करोड़
Madhya Pradesh Budget : सामाजिक क्षेत्र में बड़ा प्रावधान
- स्वास्थ्य: ₹24,144 करोड़
- शिक्षा: ₹31,953 करोड़
- जीवन स्तर सुधार: ₹49,365 करोड़
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,883 करोड़ और अटल कृषि ज्योति योजना के लिए ₹13,914 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
Madhya Pradesh Budget : MPI आधारित बजटिंग
बहुआयामी गरीबी सूचकांक के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास और स्वच्छता जैसे मानकों को बजट से जोड़ा गया है, जिससे परिणाम आधारित वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
Madhya Pradesh Budget : कोई नया कर नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है और न ही मौजूदा कर दरों में वृद्धि की गई है।
मध्यप्रदेश का बजट 2026-27 केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 2047 के विकसित और समृद्ध प्रदेश का रोडमैप है। ₹4.38 लाख करोड़ के इस व्यापक बजट में सरकार ने GYANII मॉडल के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास अब बहु-आयामी होगा। गरीब कल्याण से लेकर उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर तक।
सबसे उल्लेखनीय पहलू है ‘किसान कल्याण वर्ष 2026’ की घोषणा और कृषि के लिए ₹1.15 लाख करोड़ का प्रावधान। यह संदेश देता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान को केंद्र में रखकर नीति बनाई जा रही है। वहीं ₹1 लाख करोड़ से अधिक का पूंजीगत व्यय यह दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक आधारभूत संरचना निर्माण को प्राथमिकता दे रही है।
MPI आधारित बजटिंग का प्रयोग दूरदर्शी कदम है, जो विकास को केवल आय तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जोड़ता है हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं राशि के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता ही इस बजट की असली परीक्षा होगी। यदि योजनाएं जमीन पर उतरीं, तो यह बजट वास्तव में ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ की मजबूत नींव साबित हो सकता है।





