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Madhya Pradesh : संविदाकर्मी राज्य सरकार के ‘हनुमान’ और भरोसेमंद स्तंभ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

Madhya Pradesh

Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्हें राज्य सरकार का ‘आत्मबल’ करार दिया है। राजधानी के टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ और मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा आयोजित भव्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने का वास्तविक श्रेय संविदा कर्मियों के कठिन परिश्रम को जाता है। उन्होंने संविदा कर्मियों की तुलना ‘हनुमान जी’ से करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने निस्वार्थ सेवा की, ठीक उसी तरह हमारे संविदा भाई-बहन अनुबंध की सीमाओं से परे जाकर शासन की व्यवस्था को विराट स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।

सेवा पद से बड़ी: संविदाकर्मियों की भूमिका पर मुख्यमंत्री का नज़रिया

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत और तकनीकी सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संविदाकर्मी मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन के सबसे भरोसेमंद स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि “सेवा पद से बड़ी होती है” और संविदाकर्मियों ने अपनी निष्ठा से इसे सिद्ध कर दिया है। भारतीय मजदूर संघ के ध्येय वाक्य ‘देश के हित में करेंगे काम’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारी राज्य के विकास में केवल एक कार्यबल (Workforce) नहीं, बल्कि सरकार की शक्ति का आधार हैं। उनके आगमन पर पुष्प वर्षा और भव्य स्वागत के बीच उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर दत्तोपंत ठेंगड़ी जी और भारत माता के चरणों में नमन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अधिकारों की सुरक्षा और संविदा नीति-2023 का अक्षरश: पालन

Madhya Pradesh संविदा कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि सरकार नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहकर हर कठिनाई का समाधान निकालेगी। उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि:

  • संविदा नीति-2023 का क्रियान्वयन: केंद्र और राज्य पोषित सभी परियोजनाओं, निगमों और मंडलों में इस नीति की हर कंडिका को अक्षरश: लागू किया जाएगा।
  • संविलियन की प्रक्रिया: 10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की जो 50 प्रतिशत प्रक्रिया चल रही है, उसे आगे बढ़ाया जाएगा।
  • सामाजिक सुरक्षा के लाभ: संविदा कर्मियों को एनपीएस (NPS), ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे लाभ सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।

विसंगतियों के निराकरण के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता और वेतन संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए एक समय-सीमा तय करने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसमें संविदा प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। यह समिति कृषि विभाग की ‘आत्मा’ योजना, ई-गवर्नेंस सोसायटी और जिला विकलांग पुनर्वास केंद्रों जैसे विभागों में आ रही तकनीकी दिक्कतों का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के समन्वय से ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।

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