Edit by; Priyanshi Soni
New Delhi: कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों की चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह मुलाकात संसद भवन स्थित खरगे के कार्यालय में हुई, जिसे पार्टी के भीतर संदेश देने वाली अहम बैठक माना जा रहा है।
New Delhi: एआईसीसी बैठक में गैरहाजिरी के बाद बढ़ी थीं अटकलें
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब शशि थरूर हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों की रणनीति को लेकर बुलाई गई अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे। हालांकि थरूर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी अनुपस्थिति का कारण केरल लिटरेचर फेस्टिवल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था, जिसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दी जा चुकी थी।
New Delhi: सोशल मीडिया पर थरूर का बयान, बोले- हम एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे
Thanks to @INCIndia President @kharge ji and LS LoP @RahulGandhi ji for a warm and constructive discussion today on a wide range of subjects. We are all on the same page as we move forward in the service of the people of India. pic.twitter.com/T5l8jqkhUT
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) January 29, 2026
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर चर्चा को “गर्मजोशी भरी और सार्थक” बताया। उन्होंने लिखा कि पार्टी नेतृत्व के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई और देश की जनता की सेवा के लिए सभी नेता एक ही सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने तीनों नेताओं की एक तस्वीर भी साझा की।
केरल लिटरेचर फेस्टिवल में पुस्तक विमोचन में थे व्यस्त

शशि थरूर केरल लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी नई पुस्तक ‘श्री नारायण गुरु’ पर चर्चा करने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के चलते वे एआईसीसी बैठक में शामिल नहीं हो सके। इससे पहले, 24 जनवरी को थरूर ने यह स्वीकार किया था कि पार्टी के साथ कुछ मुद्दों पर बातचीत की जरूरत है और वे इस पर नेतृत्व से चर्चा करना चाहते हैं।
New Delhi: कोच्चि की घटना से शुरू हुई थीं मतभेद की चर्चाएं
थरूर और पार्टी हाईकमान के बीच मतभेद की चर्चाएं तब तेज हुई थीं, जब 19 जनवरी को केरल के कोच्चि में आयोजित कांग्रेस की ‘महापंचायत’ के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कई नेताओं का अभिवादन किया, लेकिन कथित तौर पर थरूर से सीधे संवाद नहीं किया। इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी, हालांकि थरूर ने सार्वजनिक रूप से इस पर कोई तीखी प्रतिक्रिया देने से परहेज किया था।
New Delhi: मुलाकात से थमी अटकलें
संसद में हुई यह बैठक कांग्रेस के भीतर एकजुटता का संकेत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस संवाद के बाद नेतृत्व और शशि थरूर के बीच चल रही अटकलों पर विराम लग सकता है।
Read also:
UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, CJI बोले, शैक्षणिक संस्थानों में भारत की एकता झलकनी चाहिए





