Pension Revision : मध्यप्रदेश में 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन को केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुरूप पुनरीक्षित करने की मांग तेज हो गई है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस संबंध में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान इस विसंगति की ओर आकर्षित किया है।एसोसिएशन का कहना है कि 2016 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी केंद्र सरकार की तर्ज पर पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। Pension Revision 2016 को लेकर संगठन ने सरकार से स्पष्ट कार्यपालिक आदेश और परिपत्र जारी करने की मांग की है।

Pension Revision : केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुरूप पेंशन पुनरीक्षण की मांग
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने बताया कि भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन कल्याण मंत्रालय के 12 मई 2017 के पत्र और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के 23 मई 2017 के पत्र के आधार पर 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त केंद्रीय सिविल पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण किया गया है।इस व्यवस्था में पेंशनरों की सेवानिवृत्ति के समय के पद और वेतनमान के आधार पर काल्पनिक वेतन निर्धारण करते हुए पेंशन को संशोधित किया गया। एसोसिएशन का कहना है कि मध्यप्रदेश में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
Pension Revision : सातवें वेतनमान में केंद्र की व्यवस्था अपनाई गई
एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत पेंशन पुनरीक्षण में केंद्र सरकार के वेतनमान और फार्मूले का अनुसरण किया है। ऐसे में 1 जनवरी 2016 से पहले और उसके बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के बीच अलग-अलग व्यवस्था करना उचित नहीं है।उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण और असंगत बताते हुए सरकार से इस विसंगति को दूर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि समान श्रेणी के पेंशनरों को समान आधार पर पेंशन पुनरीक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
Pension Revision : बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक सुरक्षा जरूरी
भोपाल जिले के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि पेंशन पुनरीक्षण का मूल उद्देश्य बढ़ती महंगाई के अनुरूप सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक और पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सरकारी सेवा करने वाले पेंशनरों की आर्थिक सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। संगठन ने पेंशन पुनरीक्षण के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
Pension Revision : सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर भेदभाव का विरोध
एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का भी उल्लेख किया है। संगठन का कहना है कि समान श्रेणी के पेंशनरों के बीच केवल सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।Pension Revision 2016 को लेकर एसोसिएशन का तर्क है कि जब केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के लिए पेंशन पुनरीक्षण की व्यवस्था की है, तो मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का लाभ दिया जाना चाहिए।
Pension Revision : सरकार से तत्काल आदेश जारी करने की मांग
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सचिव रामगोपाल माथुर, संयुक्त सचिव यशवंत सिंह बैस, शकुंतला वर्मा और कार्यकारिणी सदस्य संगीता श्रीवास्तव ने भी सरकार से इस संबंध में तत्काल स्पष्ट आदेश और परिपत्र जारी करने की मांग की है।पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने कहा कि सरकार को 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि पेंशनरों को समानता के आधार पर आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
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