Sugar Price Hike India: कब मिलेगी महंगाई से राहत, बजट पर पड़ रही चोट ?क्या एथेनॉल की मांग बढ़ा रही शक्कर के दाम ?
Sugar Price Hike India: रसोई के बजट पर महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है।खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। शक्कर से लेकर दाल, तेल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ती कीमतों के बीच सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। उधर शक्कर की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। बीते करीब एक माह में शक्कर की कामतों में भारी उछाल आया है। शक्कर 15 रूपये तक महंगी होकर करीब 60 रूपये पहुंच गई है।बीते तीन दिनों में शक्कर की कीमत 4 रूपये तक बढ़ी है। व्यापारियों का मानना है कि शक्कर के रिटेल भाव 65 रूपये तक जाएंगे। बाजार में शक्कर के दाम लगातार ऊपर जाने के बीच अब सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। त्योहारी सीजन और बढ़ती मांग के बीच यदि कारोबारी स्टॉक छिपाकर नकली कमी पैदा करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Sugar Price Hike India: प्रशासन की निगरानी बढ़ाने के साथ ही बाजार में शक्कर की उपलब्धता और कीमतों पर नजर रखी जा रही है। सरकार का फोकस साफ है कि जमाखोरी पर लगाम, कालाबाजारी पर कार्रवाई और आम लोगों को राहत मिले। आने वाले दिनों में स्टॉक की जांच और बाजार भाव की निगरानी के जरिए कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी। उधर आम लोगों की मांग है कि सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करे, ताकि महंगाई से राहत मिल सके। तो वहीं रिकॉर्ड चीनी कीमतों को देखते हुए सरकार गन्ने को एथेनॉल में डायवर्ट करने की मात्रा घटाने पर विचार कर रही है, ताकि ज्यादा गन्ना चीनी उत्पादन में जाए और घरेलू सप्लाई बढ़े। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर मात्रा इस मोर्चे पर दांव पर है। भारत में गन्ने के एक हिस्से को चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल उत्पादन में डायवर्ट किया जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में करीब 34 लाख टन चीनी एथेनॉल के लिए डायवर्ट हुई थी। एथेनॉल की मांग और चीनी के दाम के बीच सीधा संबंध है, लेकिन मौजूदा तेजी की पूरी वजह सिर्फ एथेनॉल नहीं है।
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