रिपोर्ट: नफीस अहमद
आस्था का अद्भुत सैलाब
Prayagraj प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर गंगा और संगम तट पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर लोगों ने दान किया और अपने पितरों को पुण्य भेजा, जिससे वातावरण धार्मिक और पावन बन गया। प्रशासन के अनुसार शाम 4 बजे तक लगभग 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं
Prayagraj श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतज़ाम किए गए, जो पूरी तरह सफल रहे। पुलिस, प्रशासन और राहत दल पूरे क्षेत्र में मुस्तैदी से तैनात हैं। सभी प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।

अनुशासन और श्रद्धा का संगम
Prayagraj मौनी अमावस्या के इस पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और अनुशासन का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने नियमों का पालन करते हुए पुण्य स्नान किया और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे यह पर्व सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।





