Report By: Umesh Dahariya
Korba : कोरबा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालको वन मंडल क्षेत्र में एक हाथी ने घर में सो रहे ग्रामीण को कुचलकर मार डाला। बीते 48 घंटों में हाथी के हमले से यह तीसरी मौत है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
Korba : भोर में घर के आंगन में घुसा हाथी
घटना आज तड़के करीब 5 बजे की है। जानकारी के मुताबिक महेन्दा सिंह मंझवार (40 वर्ष) अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान धान खाने के इरादे से हाथी घर में घुस आया और ग्रामीण पर हमला कर दिया। हमले में महेन्दा सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
बालको वन मंडल क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा खतरा
कोरबा के बालको वन मंडल क्षेत्र सहित कटघोरा और कोरबा वन मंडल में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। हाथियों की ट्रेकिंग और मूवमेंट की जानकारी जुटाने में वन विभाग का अमला पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है।
3 दिन में 3 ग्रामीणों की मौत, गांव में आक्रोश
हाथियों की बढ़ती खूनी रफ्तार ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है। बीते तीन दिनों में हाथियों के हमले से तीन ग्रामीणों की जान जा चुकी है। घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश व्याप्त है।
पहले भी ले चुके हैं दो महिलाओं की जान
गौरतलब है कि कटघोरा वन मंडल के चैतमा और बिंझरा क्षेत्र में हाथियों ने पहले ही दो महिलाओं की जान ले ली है। वहीं कोरबा वन मंडल में भी हाथियों का एक अलग दल लगातार विचरण कर रहा है।
महीनों से जारी है हाथियों की आवाजाही
कटघोरा और कोरबा वन मंडल में हाथियों की मौजूदगी पिछले कई महीनों से बनी हुई है। इसके बावजूद हाथियों की प्रभावी निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर ठोस इंतजाम नहीं हो पाए हैं।
ड्रोन और GPS के दावे, लेकिन हकीकत कुछ
वन विभाग के अधिकारी ड्रोन सिस्टम, जीपीएस और अन्य आधुनिक संसाधनों से निगरानी के बड़े-बड़े दावे करते रहे हैं। लेकिन हाथियों की सही ट्रेसिंग न हो पाने के कारण ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं और ग्रामीणों की जान पर बन आई है।
वन विभाग की चूक बनी ग्रामीणों के लिए जानलेवा
हाथियों की मूवमेंट पर समय रहते नजर न रख पाना वन विभाग की बड़ी चूक मानी जा रही है। इसी लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।





