शपथ: फडणवीस मुख्यमंत्री, शिंदे-अजित उपमुख्यमंत्रीअब मंत्रियों पर माथापच्ची शुरू, ये है संभावित सूची

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Oath: Fadnavis Chief Minister, Shinde-Ajit Deputy Chief Ministers Now the tussle over ministers begins, this is the possible list

महाराष्ट्र में देवेंद्र गंगाधरराव फडणवीस के तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनकी कैबिनेट में जगह पाने के लिए दावेदारों ने अपने घोड़े दौड़ाने शुरु कर दिए हैं, ना सिर्फ बीजेपी खेमे से बल्कि उपमुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले अजित पवार की एनसीपी में भी हलचल शुरू हो गई है। इस बार की कैबिनेट में कुछ नए चेहरे देखने को मिलेंगे तो कई पुरानों को भी जगह मिलने की अटकलें हैं। इस बार भी विधानसभा में सीटों के आधार पर गठबंधन के मंत्रियों की संख्या निर्धारित की जा रही है। विधानसभा में एनडीए की कुल संख्या 230 है, जिसमें 132 विधायक बीजेपी के हैं। शिंदे गुट की शिवसेना के 57 विधायक चुनकर आए हैं। वहीं अजित पवार की एनसीपी के 41 सदस्य चुनकर आए हैं। महाराष्ट्र् में कुल 288 विधानसभा सीटें है, इस लिहाज से मुख्यमंत्री सहित ज्यादा से ज्यादा 43 मंत्री बनाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल का स्वरूप पिछली बार से अलग होगा। 2022 से लेकर 2024 तक चली शिंदे सरकार के मंत्रिमंडल में कुल 29 सदस्य रहे हों, लेकिन इस बार मंत्रियों की संख्या ज्यादा होगी. महायुति में एक सीएम और दो डिप्टी सीएम थे। इसी तर्ज पर इस बार भी एक सीएम और दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला है। मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री शपथ ले चुके हैं।

पिछली सरकार में ये थी पवार की हिस्सेदारी

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी, तो उनके साथ 38 शिवसेना विधायक थे। शिंदे सीएम और देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बने थे। इसके अलावा बीजेपी और शिवसेना से 10-10 विधायक मंत्री बने थे। इसके बाद अजित पवार एनसीपी के 40 विधायकों के साथ 2023 में महायुति सरकार का हिस्सा बने तो अजित पवार को डिप्टी सीएम और 9 विधायकों को मंत्री बनाया गया था। इस तरह से सीएम सहित 29 सदस्यीय मंत्रिमंडल रहा। 2024 के विधानसभा चुनाव में शिंदे सहित सभी मंत्रिमंडल के सदस्य चुनाव जीते हैं, तो सवाल यही है कि इस बार मंत्रिमंडल का स्वरूप कैसा होगा और कैबिनेट में किसके कितने विधायकों को सेट किया जाएगा।

ये होगा पावर शेयरिंग फॉर्मूला !
इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी फिर सबसे बड़ी पार्टी बनी और 132 सीटों पर चुनाव जीता। इस लिहाज से बीजेपी 18 से 20 मंत्री पद अपने पास रख सकती है। 57 सीट जीत कर शिवसेना शिंदे दूसरे नंबर पर है। पावर शेयर फॉर्मूले के मुताबिक शिंदे शिवसेना को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत 12 से 13 मंत्री पद मिल सकते हैं। उधर अजित पवार एनसीपी के 41 विधायक हैं, इस लिहाज से उसे 10 से 11 मंत्री पद मिल सकते हैं। JSS के 2 विधायक हैं, उसे एक मंत्री पद मिल सकता है. RSJP को एक सीट पर ही जीत मिली है।

मंत्री पद की दौड़ में बीजेपी से ये नाम
1 देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
2 चंद्रशेखर बावनकुले
3 चंद्रकांत पाटिल
4 पंकजा मुंडे
5 राधाकृष्ण विखे-पाटिल
6 सुधीर मुनगंटीवार
7 गिरीश महाजन
8 सुरेश खाडे
9 रवींद्र चव्हाण
10 अतुल सावे
11 मंगल प्रभात लोढ़ा
12 राहुल नार्वेकर
13 जयकुमार रावल
14 बबनराव लोणीकर
15 देवयानी फरांदे
16 किसन कथोरे
17 नितेश राणे
18 आशीष शेलार
19 संभाजी निलंगेकर
20 राहुल कुल

शिवसेना शिंदे से ये नाम संभावित
1 एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम
2 दीपक केसरकर
3 उदय सामंथा
4 गुलाबराव पाटिल
5 दादा भुसे
6 संजय राठौड़
7 उदय सामंत
8 तानाजी सामंत
9 अब्दुल सत्तार
10 दीपक केसरकर
11 शंभूराज देसाई
12 भारतशेठ गोगांव
13 अर्जुन खोतकर
अजित एनसीपी से ये नाम संभावित
1 अजित पवार, उपमुख्यमंत्री
2 धनंजय मुंडे
3 छगन भुजबल
4 हसन मुश्रीफ
5 दिलीप वाल्से पाटिल
6 अदिति तटकरे
7 धर्मराव बाबा अत्राम
8 धर्मराव अत्राम
9 अनिल पाटिल
10 राजकुमार बडोले
11 माणिकराव कोकाटे
एनडीए गठबंधन में पावर शेयरिंग फॉर्मूले के तहत सरकार में हिस्सेदारी तो तय हो जाएगी लेकिन विभागों को लेकर पेंच फंस सकता है। पिछली एकनाथ शिंदे सरकार में डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस के पास ही गृह मंत्रालय था। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें हैं कि वो इस मंत्रालय को छोड़ना नहीं चाहते हैं। वहीं शिंदे गुट का तर्क है कि अगर डिप्टी CM का पद हमें मिल रहा है तो गृह मंत्रालय भी उन्हें ही मिलना चाहिए। शाह के साथ बैठक में भी इसका हल नहीं निकल पाया था। बीजेपी गृह, राजस्व, उच्च शिक्षा, कानून, ऊर्जा, ग्रामीण विकास अपने पास रखना चाहती है। उन्होंने शिवसेना को हेल्थ, शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, उद्योग ऑफर किया है। वहीं NCP अजित गुट को वित्त, योजना, सहयोग, कृषि जैसे विभाग देने की पेशकश की गई है। विधानसभा चुनाव में बंपर जीत दर्ज करने वाला एनीडए कुनबा चुनाव नतीजों के 12 दिन बाद अपना मुख्यमंत्री तय कर पाएगा है. अब कैबिनेट गठन और फिर पोर्टफोलियो बंटवारे में कितना समय लगेगा अंदाजा लगाना मुश्किल है।

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