BY: Yoganand Shrivastva
सिवनी: जिले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवंश तस्करी के एक मामले का पर्दाफाश किया है। मंगलवार देर रात पुलिस ने एक कंटेनर से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 32 मवेशियों को मुक्त कराया और इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी मवेशी पन्ना जिले से नागपुर के कत्लखाने ले जाए जा रहे थे।
कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर गोवंश तस्करी के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जा रही है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी श्रद्धा सोनकर के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग का कंटेनर जबलपुर से नागपुर की ओर अवैध रूप से गोवंश लेकर जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम जबलपुर-नागपुर फोरलेन हाईवे पर छिंदवाड़ा रोड ब्रिज के पास तैनात हो गई। ट्रकों की मदद से रास्ता जाम कर संदिग्ध कंटेनर को रोका गया। पुलिस को देखकर चालक और उसका साथी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया।
कंटेनर की तलाशी लेने पर अंदर 32 बैल बेहद अमानवीय हालत में पाए गए। सभी मवेशियों के सींग, पैर और गर्दन रस्सियों से बांधकर उन्हें बुरी तरह ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान मोहम्मद साकिर सिद्दीकी और मैशाद कुरैशी के रूप में बताई। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पन्ना जिले के जंगल क्षेत्रों से मवेशी खरीदकर नागपुर के कत्लखानों में बेचने ले जा रहे थे।
पुलिस ने सभी 32 गोवंश को सुरक्षित बाहर निकालकर बीझावाड़ा स्थित दयोदय जीवरक्षा संस्थान की गोशाला में भिजवाया है। इसके साथ ही करीब 10 लाख रुपये कीमत का कंटेनर और लगभग 3 लाख रुपये मूल्य के मवेशियों को जब्त कर लिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक जयवंत ठाकुर, प्रधान आरक्षक प्रशांत राठौर सहित पुलिस का पूरा दल शामिल रहा। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।





