रिपोर्ट : सनी डामोर
झाबुआ: जिले के मेघनगर शहर से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला मुख्यालय से मात्र 20 किलोमीटर दूर एक गर्भवती महिला को बीच सड़क पर ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन बार-बार संपर्क करने के बावजूद समय पर एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी।
एंबुलेंस की मदद न मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मेघनगर थाना पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए तत्काल मोर्चा संभाला। पुलिस टीम नर्स को साथ लेकर मौके पर पहुंची और सड़क किनारे ही सुरक्षित तरीके से महिला का प्रसव कराया गया। इस दौरान महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
प्रसूता की पहचान सीमा भूरिया, निवासी घोसलिया छोटा के रूप में हुई है। डिलीवरी के बाद पुलिस द्वारा मां और नवजात को थाना मोबाइल के माध्यम से मेघनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
इस पूरे मामले में मेघनगर थाना प्रभारी के.एल. वर्कड़े और आरक्षक क्रमांक 171 विक्रम बरिया की भूमिका सराहनीय रही, जिनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और सड़क पर ही सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।
वहीं इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झाबुआ के मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि प्रत्येक ब्लॉक में बर्थ वेटिंग रूम की व्यवस्था की गई है, लेकिन इस मामले में 108 एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंची, यह गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस की तत्परता की सराहना कर रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल भी उठ रहे हैं।





