मंडला: कोतवाली थाना क्षेत्र में 20 नवंबर को आयुषी ज्वेलर्स में हुई अंधी डकैती और फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। घटना में दुकान संचालक आयुष सोनी के पैर, जांघ और पीठ में गोली लगी थी, जिन्हें डायल-112 की मदद से जिला अस्पताल पहुँचाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में जिले की सभी सीमाओं पर नाकाबंदी कर चैकिंग अभियान चलाया गया और 200 से अधिक CCTV कैमरे खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्यों और वाहन गतिविधियों के आधार पर संदिग्ध वाहनों की पहचान कर आरोपियों तक पुलिस पहुँच गई। पुलिस ने 8 टीमों को अलग-अलग राज्यों में भेजा, जिसके बाद मुजफ्फरपुर (बिहार) से खालिद अंसारी, शशि कुमार और कृष्ण कुमार उर्फ रामकृष्ण को पकड़ा गया, जबकि मोहम्मद अजहर, राजेश ठाकुर, लवकुश गौर, रोहित भारतिया और अनिल सोनी को इंदौर, रायसेन, बड़वानी और मंडला से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे 13 नवंबर और 19 नवंबर को भी वारदात की रेकी कर चुके थे। डकैती वाले दिन ग्रांड विटारा से आए बदमाशों ने दुकान से जेवर लूटे और विरोध करने पर आयुष सोनी को गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस दबाव के कारण आरोपी जंगल में लूटा हुआ माल और हथियार छिपाकर अलग-अलग रास्तों से भाग निकले। पुलिस ने दोनों वाहन, मोबाइल, जेवरात और जंगल में छिपाया गया माल बरामद कर लिया है।





