BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की बैठक के दौरान मौलाना महमूद मदनी के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मदनी ने कहा था कि इस्लाम और मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिशें बढ़ी हैं और जिहाद जैसे पवित्र शब्द को आतंक से जोड़कर बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना था कि लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसे शब्द मुस्लिम समाज को बदनाम करने के लिए रचे गए हैं, जबकि इस्लाम में जिहाद का अर्थ अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष है।
इस बयान के बाद देशभर में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। उज्जैन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी ने तीखा हमला बोलते हुए मदनी को समाजवादी पार्टी का एजेंट बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने पूरे देश में लव, लैंड, थूक और पेशाब जिहाद फैलाया है। पुरी ने कहा कि मदनी लगातार हिंदू-मुस्लिम विवादित बयान देते रहते हैं और यह सब आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता समाज को बांटने वाली है और इस तरह के बयान देना किसी भी तरह उचित नहीं है।





