,

छतरपुर का दर्द: कुसाई गांव से 60 लोगों का पलायन — रोजगार न मिलने, योजनाओं की लापरवाही और कृषि संकट ने खाली कर दिया गांव

- Advertisement -
Ad imageAd image

रिपोर्ट: बॉबी अली भगवाँ

छतरपुर: जिले की जनपद पंचायत बड़ामलहरा के ग्राम पंचायत भगवां अंतर्गत आने वाला कुसाई गांव आज भीषण पलायन की मार झेल रहा है। गांव में रोजगार के अवसर खत्म होने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक न पहुँचने और लगातार बिगड़ते कृषि हालात ने ग्रामीणों को मजबूर कर दिया है कि वे अपना घर-आंगन छोड़कर दिल्ली की ओर पलायन करें। हालात इतने भयावह हैं कि करीब 60 लोग गांव छोड़कर मजदूरी के लिए निकल चुके हैं। इससे परिवारों की आमदनी ही नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा भी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों में, जमीन पर नदारद

कुसाई गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि

  1. मनरेगा और अन्य योजनाओं में भारी अनियमितता है।
  2. जिन कामों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए, वहाँ मशीनें लगाकर काम कराया जा रहा है।
  3. सरपंच–सचिव और कुछ अधिकारी योजनाओं का लाभ अपने स्तर पर उठा रहे हैं।
  4. कागजों पर काम पूरा दिखा दिया जाता है, जबकि धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं देता।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिलता, तो मजदूरों को रोजगार की तलाश में गांव नहीं छोड़ना पड़ता।


कृषि चौपट, शिक्षा अधर में, जिंदगी बेबस

ग्रामीणों के अनुसार कृषि पिछले कुछ वर्षों से लगातार संकट में है—

  • कभी कम बारिश
  • कभी बेमौसम बारिश
  • कभी ओलावृष्टि
  • और कीटों का प्रकोप

इन सबने खेती को लगभग तबाह कर दिया है। फसल नष्ट होने से किसानों की कमाई रुक गई और कर्ज बढ़ता गया। जब खेत ने साथ छोड़ दिया, पंचायत ने काम नहीं दिया, तो पलायन ही आखिरी विकल्प बचा।सबसे गंभीर समस्या बच्चों की शिक्षा है। मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले परिवार अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे, जिससे उनका भविष्य अंधकार में है।

ग्रामीणों की मांग: मशीनें रोकें, मनरेगा की जांच हो, रोजगार उपलब्ध कराया जाए

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रमुख मांगें की हैं—

  1. गांव में स्थानीय मजदूरों को तुरंत रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  2. मनरेगा कार्यों में मशीनों का उपयोग बंद किया जाए।
  3. योजनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
  4. सरपंच–सचिव की मनमानी और भ्रष्टाचार पर रोक लगे।

पलायन की चेतावनी: “काम दो, वरना गांव खाली हो जाएगा”

कुसाई गांव के हालात बताते हैं कि पलायन सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है।
ग्रामीणों की चेतावनी साफ है—
“अगर हालात नहीं सुधरे, तो कुसाई ही नहीं, पूरा क्षेत्र पलायन की चपेट में आ जाएगा।”यह दर्द सरकार और प्रशासन के उन दावों पर बड़ा सवाल है, जिनमें विकास के चमकदार आंकड़े दिखाए जाते हैं, लेकिन गांव की जमीन पर स्थितियां बिल्कुल उलट हैं।

MP Investment : मध्यप्रदेश ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बनाई मजबूत पहचान-डॉ. मोहन यादव

MP Investment : नई दिल्ली में हुई एनआईसीडीआईटी की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी

Ariha Pangambam ने एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में रचा इतिहास, भारत को दिलाया गोल्ड

Ariha Pangambam: भारत की युवा जिम्नास्ट अरिहा पंगंबम ने एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप

Indonesia में भूकंप से 53 मौतें, 995 आफ्टरशॉक से दहशत; घर छोड़ने को मजबूर लोग

Indonesia: इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने

NHM Employees Demand : NHM कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

NHM Employees Demand : उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी

Mecca Defence Pact पर ट्रंप के बयान से पाकिस्तान खुश, शहबाज शरीफ ने की अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ

Mecca Defence Pact: मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड

Raipur Car Accident: नया रायपुर में तेज रफ्तार दो कारों की भिड़ंत

Raipur Car Accident: रायपुर के नया रायपुर में मंडी बोर्ड के पास

Smart Meter Protest Khairagarh: स्मार्ट मीटर के विरोध में ग्रामीणों का चक्काजाम

Smart Meter Protest Khairagarh : खैरागढ़ जिले के छुईखदान क्षेत्र के उदयपुर