इस साल पहली बार निगेटिव में पहुंचा बिटकॉइन: एक महीने में रिकॉर्ड हाई से भारी गिरावट, अब कीमत कितनी बची ?

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by: vijay nandan

पिछले कुछ सप्ताहों में क्रिप्टो बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन, जो अक्टूबर की शुरुआत में नए ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा था, अब तेज गिरावट से जूझ रहा है। करीब एक महीने में ही यह अर्श से फर्श पर आ गया है और साल 2025 में पहली बार इसने निगेटिव रिटर्न दिखाया है। रविवार को बिटकॉइन की कीमत गिरकर लगभग 93,000 डॉलर तक आ गई। इस साल अब तक इसमें करीब 30% की गिरावट दर्ज हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में ही बाजार में 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का लिक्विडेशन देखा गया।

बिटकॉइन की मौजूदा स्थिति

6 अक्टूबर को बिटकॉइन ने अपना सर्वकालिक उच्च स्तर ($126,251) छुआ था। लेकिन उस तेजी के बाद लगातार बिकवाली और कमजोर भावनाओं ने इसकी कीमत को नीचे खींच दिया। सोमवार सुबह सिंगापुर समय के अनुसार 8:39 बजे बिटकॉइन थोड़ा संभला और $94,869 पर ट्रेड करता दिखा।

इतनी गिरावट क्यों आई?

  1. बड़े निवेशकों का कदम पीछे करना

बीते एक महीने में कई संस्थागत और ‘व्हेल’ निवेशकों ने चुपचाप अपनी होल्डिंग कम की है। इनके हटते ही बाजार को वो सपोर्ट नहीं मिला जिसने पहले बिटकॉइन को रिकॉर्ड हाई तक पुचाया था।

  1. टेक शेयरों की रफ्तार थमना

हाल ही में टेक्नोलॉजी सेक्टर के गिरने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है। इसका सीधा असर क्रिप्टो जैसे अस्थिर एसेट्स पर पड़ा।

  1. ट्रंप प्रशासन से जुड़ी उम्मीदों का फीका पड़ना

ट्रंप सरकार के दौरान क्रिप्टो के लिए नरम नीतियों की उम्मीद ने बाजार में पिछले महीनों में जोश भर दिया था। लेकिन अब वह उत्साह कम होता दिख रहा है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है।


भारत में क्रिप्टो बाजार नहीं खुलेगा: RBI का साफ संकेत

भारत में फिलहाल क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई औपचारिक या रेगुलेटेड बाजार खोलने की योजना नहीं है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा लगातार कह चुके हैं कि क्रिप्टो देश की वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उनकी राय है कि निजी क्रिप्टोकरेंसी की अनुमति देना अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह होगा, इसलिए भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग को रेगुलर मार्केट की तरह खोलने का सवाल ही नहीं उठता।

सरकार भी इस मुद्दे पर सावधानी बरत रही है और अभी तक क्रिप्टो को लेकर कोई स्पष्ट अनुमति या आधिकारिक बाजार बनाने का निर्णय नहीं लिया गया है। यानी आने वाले समय में भारत में औपचारिक क्रिप्टो मार्केट खुलने की संभावना बहुत कम दिखाई देती है।

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