50 Bedded Hospital सुरखी विधानसभा क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसीनगर का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के रूप में करने की मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
50 Bedded Hospital मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों को मिली सफलता
प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और जैसीनगर अस्पताल का उन्नयन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मांग को लगातार शासन स्तर पर उठाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आए हैं।
50 Bedded Hospital स्थानीय स्तर पर मिलेंगी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं
50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनने के बाद क्षेत्र में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसमें सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। इससे गंभीर मरीजों को उपचार के लिए सागर, भोपाल या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
50 Bedded Hospital मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल
अस्पताल उन्नयन के बाद सुरक्षित प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का उपचार, नवजात शिशु देखभाल, नियमित टीकाकरण और परिवार कल्याण सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध होंगी। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
50 Bedded Hospital सुरखी के विकास में नया अध्याय
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सड़क, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। जैसीनगर में सिविल अस्पताल का निर्माण सुरखी के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। क्षेत्रवासियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सुरखी के विकास इतिहास में मील का पत्थर बताया है।





