Report: Ram yadav
Vidisha news: विदिशा जिले के टीला खेड़ी क्षेत्र में रहने वाले सुरेश सहरिया की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वे अपनी बीमार पत्नी गंगाबाई को इलाज के लिए किसी वाहन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं।
मजबूरी में सुरेश अपनी पत्नी को खुद के ठेले पर बैठाकर खरीफाटक रोड होते हुए खलीफा तक रोड स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले जाते हैं। यह दूरी लगभग चार किलोमीटर है, जिसे वे अक्सर इसी तरह तय करते हैं।
सुरेश का कहना है कि ठेला उनका स्वयं का है और आमदनी के सीमित साधनों के कारण वे ऑटो या अन्य निजी वाहन का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। इसलिए पत्नी के इलाज के लिए यही एकमात्र सहारा बचता है।
जिला अस्पताल में इलाज क्यों नहीं कराया जा रहा, इस सवाल पर सुरेश ने बताया कि वहां मरीजों की देखरेख के लिए कोई सहायक नहीं मिलता, जिससे इलाज में परेशानी होती है। इसी कारण वे मजबूरी में निजी डॉक्टर के पास जाते हैं।
यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को उजागर करता है, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सहयोग की कमी की ओर भी इशारा करता है, जहां बुजुर्ग को अपनी पत्नी के इलाज के लिए ठेले का सहारा लेना पड़ रहा है।





