Water Woman Savitri Shrivastava Gwalior News : ग्वालियर में ‘विश्व वन वर्षा दिवस’ पर विशेष अपील: ‘वाटर वूमेन’ सावित्री श्रीवास्तव बोलीं— वनों के संरक्षण से ही सुरक्षित रहेगा हमारा भविष्य

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Water Woman Savitri Shrivastava Gwalior News “विश्व वन वर्षा दिवस” (22 जून) के मौके पर ग्वालियर की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर और जानी-मानी जल संरक्षण कार्यकर्ता ‘वाटर वूमेन’ सावित्री श्रीवास्तव ने नागरिकों से प्रकृति और जल स्रोतों को सहेजने का भावुक आग्रह किया है। ‘दिप्स नीर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’ के माध्यम से जारी अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि वन और वर्षा एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा के इस प्रयास को हर नागरिक का व्यक्तिगत कर्तव्य बताते हुए इसे एक बड़ा जन आंदोलन बनाने की वकालत की।

Water Woman Savitri Shrivastava Gwalior News पर्यावरण और भूजल स्तर के असली रक्षक हैं जंगल

सावित्री श्रीवास्तव ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि वन केवल वृक्षों का झुंड नहीं हैं, बल्कि वे हमारी धरती के फेफड़े हैं। ये जंगल ही हमारे प्राकृतिक जल स्रोतों की रक्षा करते हैं और जैव विविधता को बनाए रखते हैं। उन्होंने समझाया कि घने जंगलों के कारण ही वर्षा चक्र संतुलित रहता है, जिससे जमीन के भीतर का भूजल स्तर (Groundwater Level) रिचार्ज होता है और पानी की कमी नहीं होती।

Water Woman Savitri Shrivastava Gwalior News तेजी से कटते पेड़ और अनियंत्रित शहरीकरण बढ़ा रहे हैं जल संकट

ग्वालियर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में गहराते पानी के संकट और मौसम के बदलते मिजाज पर चिंता जताते हुए वाटर वूमेन ने कहा कि लगातार बढ़ती आबादी, कंक्रीट के जंगलों (शहरीकरण) और अंधाधुंध कटाई से वनों का दायरा बेहद छोटा हो गया है। इसी लापरवाही के कारण आज समाज को ये नुकसान झेलने पड़ रहे हैं:

  • वर्षा के समय में अनिश्चितता और सूखा।
  • भूजल का अत्यधिक दोहन और भीषण जल संकट।
  • लगातार बढ़ता पारा और पर्यावरण में असंतुलन।

उन्होंने आगाह किया कि यदि हम आज भी सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा और पानी के लिए तरसना पड़ेगा।

Water Woman Savitri Shrivastava Gwalior News ‘रेनवॉटर हार्वेस्टिंग’ और सघन वृक्षारोपण से बदलेगी तस्वीर

इस विशेष दिवस पर सावित्री श्रीवास्तव ने समाज को दिशा दिखाते हुए तीन मुख्य संकल्प लेने की बात कही:

  • पौधों की परवरिश: केवल नए पौधे लगाना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।
  • वर्षा जल का संचयन: हर घर में ‘रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’ को बढ़ावा दिया जाए ताकि बारिश का पानी सीधे जमीन में जाए।
  • सामुदायिक जागरूकता: पानी की बर्बादी रोकने और हरियाली बढ़ाने के लिए अपने आस-पास के लोगों को लगातार प्रेरित करें।

“वन बचेंगे तो वर्षा होगी, वर्षा होगी तो जल बचेगा, और जल बचेगा तो जीवन सुरक्षित रहेगा।” — वाटर वूमेन सावित्री श्रीवास्तव, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, ग्वालियर

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