Report: Vandna Rawat
Uttar Pradesh Divyang Pension Yojana Complaint उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के हर वंचित और जरूरतमंद वर्ग के सशक्तीकरण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में, प्रदेश के दिव्यांगजनों को प्रशासनिक स्तर पर त्वरित न्याय और सरकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त कुल शिकायतों में से रिकॉर्ड 96.38 प्रतिशत का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया है। सरकार की इस मुस्तैदी से अब दिव्यांगजनों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है।
Uttar Pradesh Divyang Pension Yojana Complaint एक फोन कॉल पर दूर हो रहीं समस्याएं; आंकड़ों की जुबानी सफलता
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 शासन और दिव्यांग लाभार्थियों के बीच मजबूत संवाद का सीधा माध्यम बन चुकी है।
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान विभाग को कुल 7,707 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक तंत्र ने इनमें से 7,428 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया। शिकायत निस्तारण का यह उच्च स्तर राज्य सरकार की जवाबदेही और दिव्यांगों के प्रति उसकी कटिबद्धता को रेखांकित करता है।
Uttar Pradesh Divyang Pension Yojana Complaint विभिन्न योजनाओं के तहत मिली शिकायतें और उनका निस्तारण
हेल्पलाइन पर दर्ज की गई शिकायतें विभाग की अलग-अलग लोक-कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित थीं, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है:
- दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (पेंशन) योजना: सबसे अधिक 7,281 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का समयबद्ध समाधान किया गया।
- दुकान निर्माण एवं संचालन योजना: रोजगार से जुड़े इस विषय में 67 शिकायतें सामने आईं।
- शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना: वैवाहिक अनुदान से संबंधित 23 मामले दर्ज हुए।
- अन्य विविध विषय: विभाग से जुड़े अन्य तकनीकी और सामान्य मामलों में 215 शिकायतें दर्ज की गईं।
Uttar Pradesh Divyang Pension Yojana Complaint स्वावलंबन (UDID) कार्ड और कृत्रिम अंग योजनाओं में 100% सफलता
इस पूरी कार्रवाई की सबसे बड़ी और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि दिव्यांगजनों के लिए रीढ़ माने जाने वाले यूनिक डिसेबिलिटी आईडी यानी स्वावलंबन कार्ड (52 शिकायतें) और कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना (69 शिकायतें) के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों व शिकायतों का शत-प्रतिशत (100%) निस्तारण किया गया है। इन महत्वपूर्ण योजनाओं में एक भी मामला लंबित नहीं रखा गया, जिससे जरूरतमंदों को बिना किसी देरी के सहायक उपकरण और पहचान पत्र मिल सके।
Uttar Pradesh Divyang Pension Yojana Complaint “हमारा लक्ष्य पारदर्शी और सरल तरीके से लाभ पहुंचाना है”
इस प्रशासनिक उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप विभाग दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हमारा सतत प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के, पूरी पारदर्शिता और सरल तरीके से उपलब्ध हो। शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal System) को इतना सुदृढ़ कर दिया गया है कि अब किसी भी दिव्यांग भाई-बहन को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना या अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।”





