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Unnao: फैक्ट्री प्रबंधन की बेरुखी और अधूरे इलाज ने ली मजदूर की जान, परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन

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Report: Anmol kumar

Unnao (दही चौकी): एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में काम करने वाले एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन की संवेदनशीलता की कमी और श्रम विभाग की उदासीनता के चलते एक गरीब परिवार ने अपना सहारा खो दिया। मृतक का शव फैक्ट्री के बाहर रखकर परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर लंबा जाम लगाया।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था घायल मजदूर, परिजनों ने लगाया उपेक्षा का आरोप

Unnao घटनाक्रम के अनुसार, एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड में काम करने के बाद घर लौट रहे मजदूर का लहूलुहान शव गंगा एक्सप्रेसवे पर पाया गया था। पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने पर मौके पर पहुँचे परिजनों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया। गरीबी की मार झेल रहे परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल फैक्ट्री मालिकों को दी और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई, लेकिन प्रबंधन ने इलाज का खर्च उठाने से साफ इनकार कर दिया।

धन के अभाव में दम तोड़ता सिस्टम और अधूरा इलाज

Unnao परिजनों का गंभीर आरोप है कि यदि फैक्ट्री प्रबंधन समय पर आर्थिक मदद कर देता, तो मजदूर को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकती थी। रुपयों की कमी के कारण मजदूर का इलाज बीच में ही प्रभावित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आज उसकी मृत्यु हो गई। इस दौरान परिजनों ने श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि विभाग को सूचित किए जाने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मजदूर का हाल जानने या सहायता करने अस्पताल नहीं पहुँचा।

फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन और न्याय की मांग

Unnao मजदूर की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एग्रो फूड फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुआवजे के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन अब परिजनों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दे रहा है।

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