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Tiger Strike Force : वन्यजीव तस्करी पर कड़ा प्रहार, STSFMP ने कानपुर में तस्कर तारकनाथ घोष को दबोचा

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Tiger Strike Force

Tiger Strike Force : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई

by: vijay nandan

Tiger Strike Force : भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दिशा में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा असूचना तंत्र विकसित कर प्राप्त सूचना के आधार पर 8 मार्च, 2026 को अत्यंत दुर्लभ जलीय और वन्य-जीवों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी प्रकरण में फरार आरोपी तारकनाथ घोष पुत्र निताई घोष, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल को कानपुर रेलवे स्टेशन से स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश की मुख्यालय भोपाल, इकाई शिवपुरी और वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली के संयुक्त दल द्वारा गिरफ्तार किया गया।

Tiger Strike Force : तस्करी के प्रकरण में पूर्व में क्षेत्रीय इकाई भोपाल, शिवपुरी द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों से घड़ियाल के 30 बच्चे, 17 रेड क्राउंड-रूफ्ड कछुए, 19 स्ट्रिप्ड-रूफ्ड कछुए जब्त कर 12 जुलाई, 2025 को वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Tiger Strike Force : आरोपी तारकनाथ घोष को एसटीएसएफ द्वारा दर्ज वन अपराध प्रकरण 5 मई, 2017 को सीबीआई के सुपुर्द किया जा चुका है। यह आरोपी 9 वर्षों से फरार था, जिसे पकड़ने के लिये एसटीएसएफ द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी के विरुद्ध विशेष न्यायालय शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत कर फॉरेस्ट रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ की जायेगी, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी भी जुटाई जा सकेगी। प्रकरण में विवेचना जारी है।

Tiger Strike Force Action : कौन है इंटरनेशनल तस्कर तारकनाथ घोष ?

तारकनाथ घोष वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का एक बड़ा सरगना माना जाता है। वह मुख्य रूप से दुर्लभ कछुए, घड़ियाल और अन्य सरीसृपों की तस्करी के लिए कुख्यात रहा है। कई सालों से भारतीय एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।

Tiger Strike Force Action : कैसे करता था तस्करी ?

जांच एजेंसियों के अनुसार तारकनाथ घोष का गिरोह भारत के अलग-अलग राज्यों से दुर्लभ प्रजातियों के कछुए और अन्य वन्यजीवों को इकट्ठा करता था। इसके बाद उन्हें अवैध रूप से विदेशों में भेजा जाता था, जहां इनकी बाजार में पारंपरिक दवाओं के लिए और विदेशी कलेक्शन में भारी मांग होती है।

Tiger Strike Force Action : किन देशों तक फैला नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि उसके नेटवर्क के तार कई देशों तक जुड़े थे, जैसे:

  • बांग्लादेश
  • थाईलैंड
  • म्यांमार
  • सिंगापुर

Tiger Strike Force Action : भारत में कहां-कहां सक्रिय

उसका गिरोह भारत के कई राज्यों में सक्रिय बताया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • मध्यप्रदेश
  • उत्तरप्रदेश
  • बिहार
  • ओडिशा
  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक
  • पश्चिम बंगाल

Tiger Strike Force Action : कई मामलों में आरोपी

तारकनाथ घोष के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कई केस दर्ज हैं। मध्यप्रदेश में ही उसके खिलाफ तीन अलग-अलग मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी थे और वह करीब 8 साल से फरार चल रहा था।

Tiger Strike Force Action : कानपुर से गिरफ्तारी

आखिरकार टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

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